उदयपुर/ झाड़ोल. udaipur crime news बाबूल के घर पर पली और बड़ी हुई। होश संभालने से पहले ही उसके हाथ पीले कर दिए गए। उसकी चंचलता सुसराल में शराबी पति को नागवार गुजरी ने उसने सबक सिखाने के लिए उसके साथ ऐसा किया जिसको सुनकर रूह कांप जाए। बाद में उसने उस मासूम को दर-दर की ठोंकरे खाने को छोड़ दिया। बदकिस्मती का सिलसिला यहां भी नहीं थमा। पिता के घर पर बोझ बनता देख उसने अपना मनचाहा रिश्ता किया और एक पसंद के युवक से प्रेम विवाह कर लिया, लेकिन ये बात उसे कलियुगी मामा और उसके परिवार को बर्दाश्त नहीं हुई। स्वार्थवश मामा के परिजनों ने रिश्तों को तार-तार करते हुए बेटी और उसके कथित पति से मारपीट की। बाद में रिश्तों को भुलाते हुए उस युवती का सौदा गुजरात के राजकोट में कर दिया। हालांकि, जालिमों के बीच खुद को बचाते हुए युवती जैसे-तैसे गृह क्षेत्र भाग आई। उसने स्वयं के लिए और उसके कथित पति के लिए सुरक्षा की गुहार लगाई। उपखण्ड के ओगणा थानान्तर्गत नापादेवी निवासी इस पीडि़ता ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष आप बीती सुनाई तो रोंगटे खड़े हो गए।
पीड़ा बताते हुए रोने लगी
पीडि़ता ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को बताया कि उसका करीब पांच साल पहले कोल्यारी गांव में रिश्ता हुआ था। पति शुरुआत से ही नशे का आदतन था। सुधार की उम्मीद में उसने खासा समय बिताया, लेकिन हालात नहीं सुधरते देख और आए दिन की मारपीट से तंग आकर वह पीहर आ गई। तब मजदूरी के दौरान उसका संपर्क कुम्हारवास निवासी एक युवक से हुआ, जिन्होंने जीवन बंधन से बंधते हुए करीब तीन वर्ष पूर्व विवाह कर लिया। इस दौरान युवती के पिता ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस बयानों में पीडि़ता ने प्रेमी के साथ रहने की मंशा जताई। लेकिन, दबाव में आकर पुलिस ने पीडि़ता को पिता के हाथों में सौंप दिया। माता-पिता उसे बहना फुसलाकर गुजरात बेचने ले गए। इस बात की भनक पाकर वह भाग निकली। एक बार फिर पिता ने प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस के दबाव में युवती उसके प्रेमी को लेकर ओगणा थाने पहुंची, लेकिन इस बार भी पुलिस ने पहले जैसा ही किया। यहां पिता और मामा ने पीडि़ता का फिर से गुजरात में सौदा किया। इस दौरान वह लघुशंका का बहाना बनाकर रात के समय अंधेरे का फायदा उठाते हुए बीच रास्ते से भाग आई। पीडि़ता ने आरोप लगाया कि उसने पुलिस को रिपोर्ट दी, लेकिन मामा और उसके पिता को पाबंद नहीं किया गया।
फिर से रखा कैद
पीडि़ता ने आरोप लगाया कि उसके प्रेमी के साथ होने की बात पिता और रिश्तेदारों को नागवार गुजरी। इस पर परिजन उसे एक बार फिर प्रेमी के घर से उठा लाए। करीब 10 दिन तक कमरे में बंद रखा। रात में फिर गुजरात लेकर निकले और उसके जिस्म का सौदा कर दिया। करीब तीन माह सौदागरों की कैद में बिताने के बाद पीडि़ता एक रात को फिर से भाग निकली। अब उसने प्रेमी का साथ लेकर एक बार फिर पुलिस का दरवाजा खटखटाया है। पीडि़ता ने मामले में आईजी, जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों से सुरक्षा की गुहार की है।
मिली है शिकायत
जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय से परिवाद मिला है। मेरे स्तर पर 10 बार परिवाद पर लिखे गए दूरभाष नंबर पर संपर्क किया गया। थाने पर बुलाया, लेकिन कोई ओगणा आना ही नहीं चाहता। इसके बाद सर्किल कार्यालय, व झाड़ोल थाने भी बुलाया। परिवाद के आधार पर पिता और मामा को पाबंद किया है।
मुकेश कुमार, थानाधिकारी, ओगणा
थानाधिकारी को निर्देश
पूरे मामले को समझ लिया है। udaipur crime news संबंधित थानाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
नीयती शर्मा, पुलिस उपअधीक्षक, झाड़ोल





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