बीकानेर. पूगल रोड स्थित शहर नथानिया नन्दी गोशाला में बेसहारा पशुओं को रखने की शुरुआत हो गई है। नगर निगम से अनुबंधित फर्म की ओर से संचालित की जा रही इस गोशाला में पहले पांच दिनों में 420 बेसहारा पशुओं को पकड़कर भेजा जा चुका है। इनमें सांडों के साथ गाये और बछडे़ भी शामिल है।
बेसहारा पशुओं को यहां रखने के लिए बनाए गए चार वार्डो में से एक वार्ड में अभी तक पकड़े गए सभी पशुओं को एक साथ रखा जा रहा है। इससे गोशाला व्यवस्था से जुडे़ लोगों का कहना है कि दूसरा वार्ड भी एक-दो दिन में शुरू हो जाएगा।
312 गाय,70 सांड
नन्दी गोशाला में पहुंच रहे बेसहारा पशुओं में अभी तक गाये अधिक और गोधे कम पहुंच रहे है। गोशाला व्यवस्था से जुडे़ अशोक शर्मा ने बताया कि गोशाला में रविवार तक 420 गोवंश पहुंचे है। इनमें ३८ गायों को नगर निगम के निर्देश व आर्थिक दण्ड के रूप में काटी जा रही रसीद के बाद छोड़ा जा चुका है। इस समय जो ३८२ गोवंश गोशाला में है उनमें 70 सांड और 312 गाय है। करीब दो दर्जन से अधिक छोटे बछडे़ भी इनमें शामिल है।
50 बीघा में घास
गोशाला परिसर में ही करीब ५० बीघा जमीन पर हरा घास उगाया गया है। गोशाला व्यवस्था से जुडे़ लोगों ने बताया कि घास की सिंचाई ट्यूबवेल के पानी से फव्वारा पद्धति से की जा रही है। गोशाला परिसर में गोवंश के लिए चार वार्डो सहित चारे के लिए बड़ा गोदाम भी तैयार हो चुका है। पशु चिकित्सा के लिए दो कम्पाउंडर लगाए गए है।
सब पशु एक वार्ड में
नन्दी गोशाला में हालांकि बेसहारा गोवंश के लिए व्यवस्थाओं को लेकर कार्य चल रहे है। पूर्व पार्षद आदर्श शर्मा ने बताया कि गोशाला में व्यवस्थाएं आधी-अधूरी है। छोटे बछड़ा-बछड़ी को ठण्ड से बचाने के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। वेटरनरी चिकित्सक और पशु क्लिनिक भी जल्द शुरू होना आवश्यक है।
सांडों की संख्या अधिक, हो रही घटनाएं
बछड़ा, बछड़ी और गायों को पकड़कर निगम भले ही आंकड़ों को बढ़ा रहा है, लेकिन शहर में लोग सांडों की समस्या से अधिक परेशान है। सांडों के कारण आए दिन लोग घायल हो रहे है। कई लोगों की जान सांडों के कारण जा चुकी है। बेसहारा पशुओं की समस्या पर लोगों का कहना है कि निगम सबसे पहले सांडों को सड़कों से हटाए, फिर गायों व बछड़ा-बछड़ी को पकडे़।
तेजी लाई जाएगी
सड़कों पर घूम रहे गाय और सांडों को पकड़कर नन्दी गोशाला में भेजने के काम में और गति लाई जाएगी। सांडों के साथ गायों को भी पकड़कर गोशाला में भेजा रहा है। पशुओं के लिए चारे, पानी और पर्याप्त स्थान की उपलब्धता है।
गोशाला में जल्द दूसरा वार्ड भी शुरू हो रहा है।
डॉ. प्रदीप के गवांडे, आयुक्त, नगर निगम बीकानेर





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