Health news IN HINDI : डॉक्टरों की लिखी गोलियां मरीज खा तो रहे हैं, लेकिन वे पेट में घुल नहीं रही। जी हां ये हम नहीं बल्कि इन दवाओं की जांच में सामने आया ये दवाएं अमानक है। कई दवाओं में सॉल्ट मानक अनुरूप नहीं मिल रहा है। हाजमा, कब्ज और बुखार जैसी बीमारियों की दवाएं डॉक्टर के कहे अनुसार लेने के बाद भी हजारों लोगों की शिकायत है कि मर्ज जा ही नहीं रहा। अब पता चला है कि ये दवाएं अमानक हैं। औषधि नियंत्रण संगठन विभाग ने हाल में चार दवाओं को अमानक करार दिया है। ताज्जुब की बात ये है कि दवाओं को तब अमानक बताया है जब इनके अवधि पार होने होने में सिर्फ डेढ़ माह बचा है।
विभाग की ओर से जारी ऑनलाइन सर्कुलर में अनुसार हाजमे व त्वचा सम्बंधी रोग में काम आने वाली लिक्विड पराफिन (बैच नं. 160 आरइ-पीएससीके इडी, दिसंबर 17 इ/डी:02, कंपनी-मैसर्स गांधी हर्बल इंडिया, मंदसौर, एमपी), बुखार में दी जाने वाली पॅरासिटामॉल टेबलेट अमानक करार दिया है। बुखार की
गोली पेट में जाकर गल नहीं रही थी
बता गे आंतों में जाकर गलने और गैस्टिक समस्या का निवारण करने वाली दवा रेबेप्रजॉल एंड ड्रो्म्प्रिडोन (ब्रांड नाम-ओजोरेब-डी, बैच नं. आरसी134, एसपायर्ड अवधि, जनवरी 2020, कं. नाम- मैसर्स रुजेटे, आर्गनिक्स, मोहाली) भी अमानक घोषित की गई है। इस दवा में करीब 71.04 प्रतिशत रेबेप्राजॉल का दावा किया गया, लेकिन जांच में महज 14.88 प्रतिशत सॉल्ट पाया गया। डोम्पिडॉन में 82 प्रतिशत की जगह 24.73 प्रतिशत सॉल्ट पाया गया। पॅरासिटामॉल 5 सौ एमजी (ब्रांड नाम- पारावल, बैच नं. टीबी7019ए, जनवरी 2020, कं. नवकार लाइफ साइंसेज, बड्डी, सोलन, हिप्रा) भी अमानक करार दी गई है।





No comments:
Post a Comment