श्रीगंगानगर।
इलाका कृषि में सिरमौर बस कहने को है, सरकार इसकी तरफ अपेक्षित ध्यान नहीं दे रही। राजस्थान के बजट में क्षेत्र की समस्याओं के समाधान और जरूरतों को पूरा करने के लिए गौर किया जाना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र का होने के कारण स्पेशल पैकेज घोषित किया जाना चाहिए। 'राजस्थान पत्रिका' की ओर से गुरुवार को रखे गए टॉक शो में विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने यह बात कही। सभी का मानना था कि सरकार को भावना का ध्यान रखना चाहिए। इन्होंने कहा कि बजट का बेसब्री से इंतजार रहता है, इसमें श्रीगंगानगर क्षेत्र के विकास लिए अनेक प्रावधान रखे जाने चाहिए।
-सरकारी मेडिकल कॉलेज बातों में नहीं रहे
टॉक शो में लगभग सभी जनों का मानना था कि श्रीगंगानगर में सरकारी मेडिकल कॉलेज के मामले में अभी तक बातें ही हुई है, यह बातों में नहीं रहना चाहिए। सालों हो गए लेकिन अभी तक निर्माण कार्य तक शुरू नहीं हुआ है। सरकार को अपनी विश्वसनीयता बनाए रखनी है तो बिना देरी किए निर्माण शुरू करना चाहिए और अगले सत्र में कक्षाएं लगना सुनिश्चित करना चाहिए।
-यह भी आए सुझाव-
-पंजाब से नहर में दूषित पानी का आना हो स्थाई रूप से बंद।
-मिनि सचिवालय का काम तेज गति से होना चाहिए पूरा।
-आजाद टाकीज के पास बंद फाटक पर कोई रास्ता हो शुरू।
-पुराने उद्योगों को भी प्रोत्साहन की नीति बननी चाहिए।
'कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाला और खेती-बागवानी में समृद्ध होने के कारण श्रीगंगानगर में कृषि विश्वविद्यालय शुरू करना चाहिए। धान मंडियां चलानी है या बंद करनी है स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए' .........................................................-चन्द्रेश जैन अध्यक्ष, जिला व्यापार संघ
'आवासीय क्षेत्र में आने वाले औद्योगिक क्षेत्र को आवासीय घोषित करने की नीति होनी चाहिए। इंधन के दाम पड़ोसी प्रान्त से अधिक नहीं होने चाहिए। व्यापारिक संगठनों की राय लेकर बजट में राहत के प्रावधान रखने चाहिए' ............................................-विजय जिन्दल अध्यक्ष, श्रीगंगानगर चेम्बर ऑफ कॉमर्स
'श्रीगंगानगर के रेलवे पार के पुराने औद्योगिक क्षेत्र में भू उपयोग परिवर्तन की छूट होनी चाहिए। इस बारे में स्पष्ट एवं सरल नीति होनी चाहिए। पुराने उद्योगों को पर्याप्त प्रोत्साहन देना चाहिए।.............................................................................-विजय कुमार गोयल प्रमुख समाजसेवी
'सभी कृषि जिन्सों की सरकारी खरीद आढ़तियों के माध्यम से होनी चाहिए। व्यापारियों की समस्या की तरफ पूरा ध्यान देना चाहिए। सरकार को इस मामले में संवेदनशील होना चाहिए'..............................................................................-विपिन अग्रवाल अध्यक्ष, दी गंगानगर ट्रेडर्स एसोसिएशन
'तकनीकी एवं रोजपारक शिक्षा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। सरकारी अस्पतालों एवं स्कूलों में स्टाफ की कमी दूर कर नई भर्तियां करनी चाहिए। इनमें गुणवत्ता में सुधार आवश्यक है'............................................................................... -विनय जिन्दल सचिव, दी गंगानगर ट्रेडर्स एसोसिएशन
'शिक्षा पर जितना ध्यान दिया जाए कम है। सरकारी शिक्षण संस्थाओं में कमियों की भरमार है, इन्हें दूर करना चाहिए। कई जगह तो मूलभूत सुविधा भी नहीं है, सरकार को विशेष प्रावधान इस बारे में रखना चाहिए' .........................................-रविन्द्र लीला पूर्व अध्यक्ष, रोटरी क्लब ईस्ट
'सड़कों की सुध लेना बहुत जरूरी है। स्वच्छता भी सुनिश्चित होनी चाहिए। हिन्दुमलकोट चौकी को विकसित कर पर्यटन को बढ़ावा देना चाहिए। स्वच्छ
पेयजल मिले, इसकी तरफ पूरा ध्यान दिया जाए' ...................-डॉ. शैलेश गोयल संस्थापक सदस्य, एक प्रयास
'योजनाएं बनाने मात्र से कुछ नहीं होगा, उनका वास्तविकता में क्रियान्वयन भी होना चाहिए। सीवरेज शहर की बड़ी समस्या है, शीघ्र समाधान हो। जो भी काम हो गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पक्का इंतजाम होना चाहिए' ....................................-डॉ. एसएम लाहिड़ी शिक्षाविद्
'कौशल विकास की तरफ ध्यान दिए जाने की काफी जरूरत है। युवाओं को स्वावलम्बी बनाया जाना चाहिए। सरकारी कृषि महाविद्यालय आवश्यक है। किन्नू के प्रोसेसिंग प्लांट को विशेष रियायतें देकर लगवाना चाहिए'.............................-राहुल जैन प्रबंध निदेशक निजी शिक्षण संस्था





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