जैसलमेर. जिले के बासनपीर गांव क्षेत्र में ऐतिहासिक छतरियों को ध्वस्त किए जाने का मामला तूल पकड़ रहा है। घटना के विरोध में बडोड़ा गांव में जहां विरोध प्रदर्शन किया गया, वहीं राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने इस मामले में दोषियों पर कार्रवाई नहीं किए जाने पर आंदोलन चलाने की चेतावनी देते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया। करणी सेना की ओर से कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर कलेक्ट्रेट में पुलिस का कड़ा इंतजाम किया गया। उधर, छतरियां तोडऩे का नामजद मामला सदर पुलिस थाना में दर्ज किए जाने के बाद अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। सदर थानाधिकारी भवानीसिंह ने बताया कि पुलिस अनुसंधान कर रही है। मंगलवार को पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया।
नामजद मामला दर्ज
गौरतलब है कि सोमवार को सदर पुलिस थाना में सीतोड़ाई निवासी स्वरूपसिंह ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि बासनपीर गांव में मुख्य सड़क से दक्षिण दिशा में तालाब की पाल के पास दो प्राचीन छतरियों को जेसीबी चला कर गिरा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सोहराब खंा, जादम खां, अता मोहम्मद और रहमान खां ने जानबूझ कर धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व की छतरियों को धार्मिक भावनाएं भड़काने के उद्देश्य से गिराया गया है। स्वरूपसिंह ने बताया कि छतरियां गिराने की जानकारी मिलने पर वह हरिसिंह, श्यामसिंह आदि के साथ मौके पर गए। जहां छतरियों को ध्वस्त करने वाले आरोपियों के साथ जेसीबी मौके पर खड़ी थी। इस संबंध में सदर पुलिस ने चार जनों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कर लिया।
प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन
इस मामले को लेकर मंगलवार को राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की ओर से जिलाध्यक्ष गणपतसिंह बैरसियाला, सुजानसिंह हड्डा, भंवरसिंह साधना, लालूसिंह सोढ़ा, तारेंद्रसिंह झिनझिनियाली, सवाईसिंह देवड़ा, नरेंद्रसिंह बैरसियाला, आमसिंह भाटी, मनोहरसिंह दामोदरा, जुगतसिंह आदि के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि बासनपीर गांव में छतरियां तोडऩे के मामले में पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो करणी सेना की ओर से उग्र आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन में आशंका जताई गई कि इस मामले में पुलिस पर राजनीतिक दबाव बनाया जा सकता है।
जैसलमेर ग्रामीण. जिले के बासनपीर गांव में सैकड़ों ऐतिहासिक छतरियों को तोडऩे की घटना को लेकर बडोड़ा गांव सहित आसपास के गांवो में भारी रोष है। ग्रामीणों के अनुसार ऐतिहासिक बासनपीर युद्ध की गवाह ये छतरियां ऐतिहासिक धरोहर है जो मातृभूमि के लिए प्राणोत्सर्ग करने वाले वाले अमर शहीदों की पावन माटी पर निर्मित की गई है। इस दौरान बडोड़ा गांव के मुख्य बाजार को बंद रखकर तथा टायर जलाकर सैकड़ों ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस में नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाने के बावजूद अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई। सामाजिक कार्यकर्ता मनोहर सिंह ने बताया कि अगर प्रशासन द्वारा जल्द गिरफ्तारी नहीं की गई तो जिले भर में उग्र आंदोलन किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन में डूंगरसिंह, नरपतसिंह, उम्मेदसिह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने नाराजगी जताई एवं प्रशासन से कार्रवाई करने की मांग की।





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