नई दिल्ली। खेल मंत्रालय ( Indian Sports Ministry ) ने एक बड़े फैसले के तहत भारतीय रोइंग महासंघ ( Rowing federation of India ) की मान्यता रद्द कर दी है। बुधवार को लिए गए इस फैसले का कारण नेशनल स्पोटर्स कोड-2011 का उल्लंघन बताया गया है है। मंत्रालय ने एक पत्र लिखकर RFI अध्यक्ष को इस बात की जानकारी दी।
नई एडहॉक समिति बनाने का निर्देश
पत्र में भारतीय ओलम्पिक महासंघ (IOA) को RFI के लिए नई एडहॉक समिति बनाने को कहा। हाल ही में छह दिसंबर को हुए चुनावों में राजलक्ष्मी सिंह देव और एमवी श्रीराम को अध्यक्ष और महासचिव चुना गया था। मंत्रालय ने अपने पत्र में कहा है, 'मामले की समीक्षा करने के बाद (रिटर्निग ऑफिसर और सरकारी पर्यावेक्षक द्वारा दायर की गई रिपोर्ट) यह पता चला है कि RFI के चुनाव नेशनल स्पोटर्स डेवलपमेंट कोड-2011 में शामिल चुनावी गाइडलाइंस के हिसाब से नहीं हुए हैं।'
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चार एरिया में हुआ उल्लंघन
मंत्रालय ने चार ऐसे एरिया बताएं हैं जहां नियमों का उल्लंघन हुआ है। पहला कि सिर्फ 18 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों ने चनावों में हिस्सा लिया और RFI ने 2/3 राज्य एवं केंद्र शासित पैमाने का पालन नहीं किया क्योंकि इसके हिसाब से कुल 25 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को चुनाव में हिस्सा लेना था।
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29 जनवरी 2020 से पहले चुनाव नहीं लड़ सकते थे श्रीराम
RFI ने प्रॉक्सी वोटिंग को भी मंजूरी दी थी और मंत्रालय का कहना है कि इसका स्पोटर्स कोड में कोई प्रावधान नहीं है। वहीं तीसरा कारण यह है कि RFI ने एक राज्य से तीन वोटों को मंजूरी दी जबकि यह संख्या दो होनी चाहिए थी। वहीं, आखिरी मुद्दा यह है कि श्रीराम दो जनवरी-2016 से दो बार महासचिव रह चुके हैं और इसलिए स्पोटर्स कोड में शामिल कूलिंग ऑफ पीरियड के हिसाब से वह 29 जनवरी 2020 से पहले चुनाव नहीं लड़ सकते थे।





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