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ये दो चीजे पाली के मरते उद्योग में फूंक सकती है जान... जाने क्या है

पाली. बदहाली के दौर से गुजर रहे कपड़ा उद्योग को राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने बड़ी राहत दी है। मंडल ने गुरुवार को चेंज ऑफ प्रोसेस की अनुमति के आदेश जारी किए हैं। इससे अब कपड़ा इकाइयों में मशीनरी में बदलाव किया जा सकेगा। अब कपड़ा उद्योग की रफ्तार तेज हो सकती है। मशीनरी में बदलाव से उत्पादन में भी इजाफा हो सकेगा। मंडल अध्यक्ष पवनकुमार गोयल ने पुराने सभी आदेशों का अधिक्रमण करते हुए चेंज ऑफ मशीनरी की अनुमति दी है। इसमें सीइटीपी से जुड़ी और अन्य सभी तरह की इकाइयां शामिल है।

कपड़ा इकाइयों में चेंज ऑफ प्रोसेस की अनुमति देने की मांग लम्बे समय की जा रही थी। कपड़ा उद्योग में बढ़ती प्रतिस्पद्र्धा का हवाला देते हुए उद्यमियों ने राज्य सरकार और प्रदूषण नियंत्रण मंडल से कई बार चेंज ऑफ प्रोसेस के नियमों में छूट देने का आग्रह किया था। उद्यमियों की मांग पर पिछले महीनों मंडल ने इसमें रियायत दी थी, लेकिन इंटीग्रेटेड इकाइयों को ही शामिल था। इस कारण पाली की अधिकांश इकाइयां नियमों के बदलाव से लाभांवित नहीं हो पाई।

निर्धारित केएलडी का ही कर सकेंगे डिस्चार्ज
कपड़ा इकाइयों को पानी का उपयोग और डिस्चार्ज बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। यानि कपड़ा इकाई को आवंटित केएलडी के अनुसार ही पानी का उपयोग और डिस्चार्ज करना होगा। इसके अलावा प्रत्येक इकाई में स्काडा प्रणाली दुरुस्त करनी अनिवार्य होगी। इकाइयों में ऑटो कट से ही डिस्चार्ज का रिकॉर्ड संधारित करना होगा। चेंज ऑफ प्रोसेस के नियम का तीन साल में एक बार उपयोग किया जा सकेगा। अनुमति के लिए आवेदन करते समय उद्यमी को सम्पूर्ण ब्यौरा उपलब्ध कराना होगा।

2007 से लगी है रोक

प्रदूषण की समस्या को लेकर कपड़ा इकाइयों में मशीनरी के बदलाव पर २००७ से रोक लगी है। इस कारण उद्यमी अत्याधुनिक तकनीक की मशीनों का उपयोग नहीं कर पा रहे थे। मशीनों में बदलाव नहीं होने के कारण कपड़ा इकाइयां परम्परागत तरीके से संचालित की जा रही थी। मंडल के इस आदेश से पाली का कपड़ा उद्योग अन्य कपड़ा उत्पादक शहरों से भी प्रतिस्पद्र्धा कर सकेगा।

कोई भी इकाई कर सकेगी बदलाव
राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने चेंज ऑफ प्रोसेस की अनुमति अब सभी तरह की इकाइयों को दे दी है। कुछ नियमों का पालन करना होगा।

अमित शर्मा, आरओ, पाली

साउथ अफ्रीका के अदामा में देखा 13 एमएलडी का जेडएलडी प्लांट

- 95 प्रतिशत पानी हो रहा रियूज, पनप रही औद्योगिक इकाइयां

- कपड़ा उद्यमियों को मिलेगी नई राह

पाली . पाली से गए उद्यमियों के दल ने गुरुवार को साउथ अफ्रीका के अदामा शहर में इथोपिया पार्क डवलपमेंट कॉर्पाेरेशन की ओर से 150 करोड़ की लागत से विकसित किए गए 13 एमएलडी जेडएलडी ट्रीटमेंट प्लांट का अवलोकन किया। इस प्लांट के जरिए औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला 95 प्रतिशत पानी रियूज होकर काम में आ रहा है। निरीक्षण के दौरान टीम ने बारिकी से इस प्लंाट की कार्यप्रणाली के बारे में विशेषज्ञों से जानकारी ली। इसके अलावा 14 एमएलडी का एक और जेडएलडी प्लांट टीम ने देखा। दल में शामिल उद्यमी विनय बम्ब, प्रवीण कोठारी, राहुल गुप्ता, प्रांजल गोगड़ सहित गुरुवार देर शाम को वहां से मुम्बई के लिए रवाना हुए।



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