केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नागरिकता (संशोधन) कानून (CAA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को ‘ज्यादातर राजनीतिक’ करार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी भारतीय इस नए कानून के कारण अपनी नागरिकता नहीं गंवाएगा। शाह ने कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को सीएए में एक भी ऐसा प्रावधान दिखाने की चुनौती दी जिससे किसी की भारतीय नागरिकता जा रही हो।
एक मीडिया इंटरव्यू में शाह ने कहा कि- 'मैं इस बात से सहमत हूं कि ज्यादातर राजनीतिक प्रदर्शन हैं। कुछ लोग गुमराह हैं लेकिन हम उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं।' गृह मंत्री आगे कहा कि- सीएए के तहत सरकार पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देना चाहती है। 'मैं स्पष्ट तौर पर कहना चाहता हूं कि सीएए में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिससे किसी की नागरिकता जा सकती है।'
शाह ने कहा कि- 'मैं पूरी दृढ़ता से कहता हूं कि भारत में आए शरणार्थी भाई हमारे हैं और भारत में उन्हें सम्मानित स्थान प्रदान करना भारत सरकार की जिम्मेदारी है।' गृह मंत्री ने दोहराया कि जनगणना 2021 और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर का राष्ट्रीय नागरिक पंजी से कोई लेना-देना नहीं है।
शाह ने कहा कि- 'जनगणना और एनपीआर देश में हर दस साल पर होते हैं और इस बार भी यह दस साल के बाद हो रहा है। कांग्रेस ने इसे बार-बार किया है। आज वह उसका विरोध कर रही है।' बिहार विधानसभा चुनाव के संबंध में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि- 'बिहार में हम नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे, इसमें कोई भ्रम नहीं है।'





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