पाली . सर्दी हो या गर्मी, सुबह जल्दी उठना और रोजाना चार-पांच घंटे दौड़ का अभ्यास करना। उसके बाद कॉलेज जाना और घर के कामों में मम्मी का हाथ बंटाना। कुछ ऐसी दिनचर्या है पाली की उडऩ परी की। इस परी ने चार-चार गोल्ड मेडल एथलेक्टिस में जीत कर नाम रोशन किया है। हम बात कर रहे है नया गांव मयंक नगर (सूर्या कॉलोनी) निवासी रंजनी सीरवी पुत्री सोहनलाल परिहार की। रंजनी वर्तमान में बांगड़ कॉलेज में बीएससी तृतीय वर्ष में पड़ रही है।
रंजनी ने बताया कि पिछले करीब दो वर्षों से जिला खेल अधिकारी एवं कोच अगराराम सीरवी के नेतृत्व में दौड़ का अभ्यास बांगड़ स्टेडियम में कर रही है। इसी का नतीजा है कि वह गोल्ड मेडल जीतने में कामयाब हो सकी। रंजनी ने बताया कि उसका सपना है कि वह देश के लिए दौड़े और गोल्ड मेडल जीतकर पाली का नाम रोशन करें। पीटी उषा उनकी रोल मॉडल है।
कोच के कहने पर किया डाइट में बदलाव
रंजनी ने कोच के कहने पर उन्होंने अपनी डाइट में भी बदलाव किया। अब सुबह अंकुरित चने, दूध का नाश्ता लेती है तथा जौ का दलिए को अपने भोजन में शामिल किया।
अलवर में जीते चार मेडल
हाल ही में अलवर में हुई आयोजित राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में रंजनी ने 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर व 4 गुणा 100 मीटर रिले रेस दौड़ में चार गोल्ड मेडल जीत कर पाली का नाम रोशन किया। उसने 100 मीटर में 12.9 सैंकड़, 200 मीटर में 28 सैंकड़, 400 मीटर में 1.3 सैंकड़ व 4 गुणा 100 मीटर रिले दौड़ में 58 सेंकड में दौड़ लगाई। इससे पहले भी रंजनी ने जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर में 100 मीटर व 400 मीटर दौड़ में भी प्रथम रही थी।





No comments:
Post a Comment