दौसा. बीसवीं सदी के दूसरे दशक के अंतिम साल का आगाज हो गया है। तीसरे दशक में जाने से पूर्व जिलेवासी अपनी उम्मीदों को पूरा होते देखना चाह रहे हैं। वर्ष 2020 में बदलाव की बयार के साथ लोगों की उम्मीदें अपार है। जिलेवासियों के समक्ष कई चुनौतियां भी हैं तो विकास की आस भी बहुत है। लोगों को उम्मीद है कि सालों से अटके काम इस वर्ष पूरे हो जाएंगे। सरकार से अपेक्षाओं के साथ जनता से भी बदलाव के संकल्प अपेक्षित हैं। सभी की भागीदारी से ही 2020 सही मायने में बेहतर साल हो सकता है।
New Year 2020: Hope will be communicated with enthusiasm
चुनौतियां
1. बढ़ता अपराध
जिले में अपराध दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। पुलिस-प्रशासन के समक्ष इसे रोकना सबसे बड़ी चुनौती है। गत वर्ष चोरी, हत्या, महिला अत्याचार आदि के मामले बढ़े है, जो गंभीर बात है। युवा वर्ग भी अपराध की ओर बढ़ रहा है, उन्हें रोकना समाज की जिम्मेदारी है। वहीं सरकार से अपेक्षा है कि जिले में नए थाने खोले जाएं तथा पुलिस की नफरी को वर्तमान जरूरतों के हिसाब से पूरा किया जाए।
2. चुनाव
जिले में इस वर्ष का आगाज ही पंचायत राज चुनाव के साथ हो रहा है। करीब दो माह इस चुनाव के नाम रहेंगे। फिर तीन-चार माह बाद दौसा नगर परिषद तथा बांदीकुई व लालसोट नगरपालिका के चुनाव होने हैं। इन चुनावों में शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस व प्रशासन के समक्ष चुनौती होगी।
3. पेयजल संकट
दौसा शहर सहित जिले के अधिकतर इलाकों में गंभीर पेयजल संकट है। सर्दी में भी चार-पांच दिनों में मात्र आधा घंटे पेयजल लोगों को जलदाय विभाग उपलब्ध करवा पा रहा है। ऐसे में आगामी ग्रीष्मकाल में पेयजल की व्यवस्था करना सरकार के समक्ष चुनौती है। ईसरदा बांध परियोजना से फिलहाल तीन-चार साल लाभ मिलने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में वर्तमान जरूरतों को किस तरह पूरा किया जाएगा, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।
4. बदहाल स्वास्थ्य सेवा
स्वास्थ्य सेवाओं का हाल बुरा है। प्रतिवर्ष अरबों रुपए खर्च होने के बावजूद आज भी लोग जयपुर की ओर जाने को मजबूर हैं। नीम-हकीमों का जाल फैला हुआ है। लोगों को मोटी राशि स्वास्थ्य पर खर्च करनी पड़ती है। हालांकि मेडिकल कॉलेज जरूर स्वीकृत हुआ है, लेकिन अभी उसे चालू होने में समय लगेगा। ऐसे में जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को उपचार की जरूरत है, खासकर ग्रामीण इलाकों में यह चुनौती है।
5. बिगड़ा सौन्दर्यीकरण व जाम
जिला मुख्यालय पर यातायात जाम, अतिक्रमण से शहर की सुंदरता खराब हो रही है। पाबंदी होने के बावजूद भारी वाहन शहर में खड़े रहते हैं। ट्रांसपोर्ट नगर सरकारी फाइलों में दफन हो चुका है। दौसा, सिकंदरा चौराहा, महुवा, बांदीकुई व लालसोट शहर में यातायात जाम की समस्या आम हो चली है। अतिक्रमणों से रास्ते बाधित हो रहे हैं। शहरी इलाकों के सान्दर्यीकरण को बनाने की चुनौती दिनों-दिन बढ़ती जा रही है।
उम्मीदें
1. दौसा-गंगापुर के बीच चले रेल
दो दशक से भी अधिक समय से लोगों को दौसा से गंगापुर रेल लाइन का काम पूरा होने की उम्मीद है। अब डिडवाना तक कार्य पूर्ण हो चुका है। ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि इस वर्ष इस नवीन मार्ग पर इंजन की सिटी सुनाई देगी।
2. औद्योगिक विकास
जिले की औद्योगिक इकाइयां बीमार हैं। औद्योगिक क्षेत्रों का हाल-बेहाल है। जिले में इकाइयां बंद होती जा रही हैं। प्रदेश के उद्योग मंत्री दौसा जिले से ही ताल्लुक रखते हैं। ऐसे में उम्मीद है कि जिले का औद्योगिक विकास होगा।
3. सीवर लाइन हो स्वीकृत
जिले के किसी भी शहर में सीवर लाइन नहीं है। खुले नालों में ही गंदगी बह रही है। दौसा जिला मुख्यालय पर सीवरेज की खासी जरूरत है। गत दस साल से दोनों सरकारों ने सीवर लाइन का सपना दिखाया, लेकिन अभी तक इसे मंजूरी नहीं मिली है।
4. स्टोन पार्क बने
जिले के पत्थर उद्योग की देश-विदेश में पहचान है। सरकारी स्तर पर अनदेखी के कारण उद्योग अव्यवस्थाओं का शिकार है तथा व्यापारी व मजदूर परेशान रहते हैं। सिलिकोसिस बीमारी बढ़ती जा रही है। जिले में स्टोन पार्क खुलने से पत्थर व्यापार को उड़ान भरने के पंख लग सकते हैं।
5. नवीन शिक्षा केन्द्र खुले
जिले के कई बड़े कस्बों में अभी सरकारी कॉलेज का अभाव है। दौसा में भी तकनीकी शिक्षा के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज की जरूरत है। कृषि, स्वास्थ्य आदि के क्षेत्र में भी शिक्षा के अवसर हैं। ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि नए वर्ष में स्कूल, कॉलेज आदि खुलेंगे।
संकल्प
1. स्वच्छता बनाए रखेंगे
स्वच्छता अभियान जोर-शोर से चल रहा है, लेकिन धरातल पर अभी हालत ठीक नहीं है। ऐसे में जिलेवासियों को संकल्प लेना चाहिए कि नए वर्ष में स्वच्छता को बनाए रखने में सम्पूर्ण सहयोग करेेंगे।
2. प्लास्टिक का उपयोग नहीं
सिंगल यूज प्लास्टिक से पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। ऐसे में इसका प्रयोग स्वप्रेरित होकर बंद करने की जरूरत है। कपड़े व कागज के कैरीबैग को चलन में लाने का संकल्प लेना होगा।
3. जल संरक्षण करेंगे
दौसा जिले सहित पूरे देश में पेयजल समस्या बढ़ती जा रही है। वर्ष जल व्यर्थ ना बहे, इसके लिए जल संरक्षण की जरूरत है। अपने आस-पास के जलस्त्रोतों व कुएं-बावड़ी आदि में पानी आने के रास्ते खोलने चाहिए। साथ ही आमजन को पानी का उपयोग सोच-समझकर करने का संकल्प नववर्ष में लेने की जरूरत है।
4. कानून की पालना
लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून की पालना करना अहम है। दौसा जिले के संवेदनशील होने का धब्बा मिटाने का संकल्प नववर्ष में लेने की जरूरत है। यातायात सहित सरकारी स्तर पर बने हर नियम की पालना आमजन को करनी होगी।
5. सामाजिक कुरीतियों को मिटाना
जिले में दहेज प्रथा, बाल विवाह, फिजूलखर्ची, जातिवाद सहित कई सामाजिक बुराइयां कायम हैं। नववर्ष में इन्हें मिटाकर आपसी सद्भाव को बढ़ाने का संकल्प लेने की जरूरत है।
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