HEALTH NEWS IN HINDI : सवाई मानसिंह अस्पताल ( SMS ) में खून के सौदागरों पर लगाम नहीं कसी जा रही। ये सौदागर अस्पताल में जरूरतमंद मरीजों के परिजनों से सौदा कर बदले में खून उपलब्ध करवा रहे हैं। मंगलवार को अस्पताल प्रशासन ने दो युवकों को पकड़कर मोती डूंगरी थाना पुलिस के सुपुर्द किया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित देवेन्द्र शर्मा, ब्रह्मपुरी और जयकिशन, पंचवटी कॉलोनी सोडाला का रहने वाला है।
अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. जगदीश मोदी ने बताया कि भर्ती मरीज को खून की जरूरत थी। रविवार को देवेन्द्र ने मरीज के परिजन से खून की सौदेबाजी की। उसने अपने साथी को ब्लड बैंक भेज दिया। दूसरा
साथी लड बैंक में जाकर बिस्तर पर लेट गया। इसी दौरान देवेन्द्र वहां रखा लड उठाकर भाग गया। पीछे से उसका साथी भी भाग गया। देवेन्द्र ने परिजन को ब्लड दे दिया। परिजन ने वार्ड में रेजिडेंट डॉक्टर को मरीज को ब्लड चढ़ाने के लिए सौंपा तो ब्लड अनचैड निकला। उसने वापस ब्लड बैंक भेजा। तब घटना का पता चला। प्रशासन ने परिजनों से दलालों के बारे में जानकारी ली। मंगलवार को फिर से वहीं युवक ब्लड बैंक के आस-पास घूमते हुए दिखे। सीसीटीवी में हुलिए के आधार पर दोनों को पकड़ कर पुलिस के हवाले किया
पुलिस ने बताया कि खून के दलाल लड बैंक के आस-पास चकक्र लगाते रहते हैं। ये ऐसे मरीजों को फंसाते हैं, जिनके पास कोई डोनर नहीं होता है या मरीज का कोर्इ रिश्तेदार ब्लड डोनेट नहीं करना चाहता है। इसके बाद सौदेबाजी का खेल शुरू होता है। ये लोग परिजनों को ऐसी जगह बुलाते हैं, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हो। वहां तीन से चार हजार रुपए में एक यूनिट ब्लड का सौदा करते हैं।
आपको बता दे अगर आप अस्पताल से डिमांड फॉर्म और मरीज का ब्लड से्पल लेकर ब्लड बैंक में जाएं और जितनी यूनिट की जरूरत हो उतना यूनिट ब्लड डोनेट कर ब्लड ले सकते हैं। इसके लिए राजस्थान सरकार और केंद्र सरकार द्वारा तय किया गया जांच शुल्क देना होगा। यदि किसी के पास पहले डोनेट किया हुआ कार्ड तो उसे बदले में ब्लड नहीं देना पड़ेगा। कार्ड दिखाकर ब्लड ले सकते हैं।
एसएमएस में ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. सुनीता ने बताया कि अस्पताल में जरूरतमंदों के लिए ब्लड की व्यवस्था है। मरीज के पास ब्लड डोनर की व्यवस्था नहीं है, तो संबंधित वार्ड प्रभारी ब्लड देने के लिए लिखित में दें, तो मरीज को ब्लड दिया जाता है। यदि डोनर ब्लड डोनेट करने के योग्य नहीं है, तो ब्लड प्रभारी भी स्वयं निर्णय लेकर ब्लड की व्यवस्था करते हैं।





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