दौसा. जिला अस्पताल के मातृ एवं शिशु कल्याण केन्द्र स्थित नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एफबीएनसी) में 17 में से 15 रेडियंट हीट वार्मर मशीनें (पालनानुमें बैड) खराब होने से यहां भर्ती होने वाले अधिकांश नवजात शिशुओं को जयपुर रैफर करना पड़ रहा है। यही नहीं जिला अस्पताल में और भी कई मशीनें खराब पड़ी है, इससे मरीजों को स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पा रहा है।
15 out of 17 machines malfunctioned, how newborn got treatment
चिकित्सा सूत्रों के मुताबिक किसी भी 0 से 28 दिन के नवजात बालक को जन्म के बाद कोई बीमारी होने पर नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एफबीएनसी) में उसको रेडियंट हीट वार्मर मशीन में रखा जाता है। जिला अस्पताल की नवजात गहन चिकित्सा इकाई में 17 रेडियंट हीट वार्मर मशीनें हैं। इनमें से कई दिनों से 15 मशीनें खराब हैं। इसमें बालक को कम से कम 4 से 5 दिन बालक को रखा जाता है। स्थिति अधिक खराब हो तो अधिक दिन भी रखा जा सकता है।
जयपुर करना पड़ रहा है रैफर
मात्र शिशु कल्याण केन्द्र की नवजात गहन चिकित्सा इकाई में 15 मशीनें खराब होने से नवजात बालकों को बीमार होने पर जयपुर रैफर करना पड़ रहा है। कई नवजात इतनी सीरियस हालत में होते हैं उनका जयपुर पहुंचना मुश्किल हो जाता है। कई परिजनों को तो यहां से रैफर होने के बाद जयपुर के निजी अस्पतालों में भर्ती होना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि जिले में रेडियंट हीट वार्मर मशीनें जिला अस्पताल के अलावा किसी भी अस्पताल में नहीं है। ऐसे में यहां बालकों को रैफर करने के बाद सीधा जयपुर ही जाना पड़ता है।
प्रसूताओं को भी जाना पड़ रहा है
कई नवजातों को जन्म के तुरंत बाद बीमार होने पर उनको जयपुर रैफर करने पर उनके साथ उनकी मां या यानि प्रसूताओं को भी जयपुर ही साथ जाना पड़ रहा है। क्योंकि जब चिकित्सक 28 दिन से कम उम्र के बालक को नवजात गहन चिकित्सा इकाई की रेडियंट हीट वार्मर मशीन में रखा जाता है। इस अवस्था में समय-समय पर नवजात को मां का दूध पिलाना पड़ता है। ऐसे में नवजात के साथ मां को भी परेशानी भुगतनी पड़ रही है।
10 फरवरी को जांच के लिए आई टीम
जिला अस्पताल में पिछले कई दिनों पर पहले 5 रेडियंट हीट वार्मर मशीन खराब हुई थी। इसके बाद जिला अस्पताल के चिकित्सा प्रशासन ने निदेशालय को सूचित कर दिया गया। इसके बाद 10 फरवरी को मशीन निर्माता कम्पनी के इंजीनियर एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जांच के लिए आए और अन्य मशीनों को भी आगामी आदेश तक बंद करने निर्देश दे गए। अब मात्र 2 ही मशीनें चालू है।
निदेशालय को लिखित में सूचना दे रखी है
नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एफबीएनसी) में उसको रेडियंट हीट वार्मर मशीन खराब होने की लिखित में चिकित्सा विभाग के उ'च अधिकारियों को सूचना दे रखी है। शीघ्र ही मशीनें आने की उम्मीद है।
-डॉ. सीएल मीना, प्रभारी नवजात गहन चिकित्सा इकाई दौसा
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