जयपुर. राजधानी के परकोटा क्षेत्र में अमृत योजना का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। फरवरी 2020 में काम पूरा कर लोगों को सातों दिन 24 घंटे पानी उपलब्ध करवाना था। जिस धीमी गति से काम चल रहा है, उससे साफ है कि दो साल तक लोगों को और इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि अब तक सिर्फ 45 फीसदी ही काम पूरा हो पाया है। यह प्रोजक्ट पूरा हो तो करीब 65 हजार उपभोक्ताओं को लाभ मिल सकेगा। इधर, जलदाय विभाग के अधिकारियों ने काम कर रही मेमर्स यूनिप्रो टेक्नो इंफ्रा कम्पनी की समय सीमा बढ़ाने की तैयारी कर ली है।
अब तक जिन क्षेत्रों में पेयजललाइन डाली गई है, उसमें भी लापरवाही बरती जा रही है। सड़क के बराबर ही पेयजललाइन को डाल दिया गया है। जबकि नियम कहता है कि कम से कम सड़क से एक मीटर नीचे पेयजललाइन होनी चाहिए। कुछ जगह तो विद्युत तारों से सटाकर ही जल्दबाजी में पेयजललाइन डाल दी गई है।
परकोटे के चौकड़ी मोदीखाना, विश्वेश्वर जी की चौकड़ी और चौकड़ी सरहद सहित आस-पास के इलाके में अमृत योजना के तहत पेयजलाइन डाले जाने का काम चल रहा है।
सड़क के बराबर ही डाल दी लाइन
काम इतनी जल्दबाजी में किया जा रहा है कि किशनपोल बाजार, सिटी पैलेस, रामगंज चौपड़ के आस-पास जिन इलाकों में लाइन डाली गई है, वहां लाइन सड़क के बराबर ही है। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद भी जलदाय विभाग की टीम ने स्थिति को आकर नहीं देखा।
बदले जाएंगे 75 हजार मीटर
इस योजना के तहत परकोटा सहित शहर के बाहरी इलाकों में करीब 75 हजार मीटर लगाए जाएंगे। इनमें से करीब 40 हजार मीटर परकोटा क्षेत्र में ही बदले जाएंगे। इसके अलावा पम्प हाउस पर फ्लो मीटर भी लगाए जाएंगे। इन मीटरों से पानी की आपूर्ति और खपत के बारे में पता चल सकेगा।
काम में ऐसी देरी
अमृत योजना के तहत फरवरी 2018 में शुरू हुआ था। फरवरी 2020 तक इस काम को पूरा करना था। काम की गति बेहद धीमी होने की वजह से सिर्फ 45 फीसदी ही काम हो पाया है। करीब 50 करोड़ रुपए के प्रोजक्ट में 15 करोड़ रुपए के काम परकोटे में ही होने हैं।
वर्जन...
रोड कट की अनुमति देर से मिलने की वजह से फर्म निर्धारित समय में काम नहीं कर पाई है। समयावधि बढ़ाए जाने और जुर्माना तय करने की फाइल उच्च अधिकारियों के पास भेजी हुई है। 25 करोड़ में से अब तक 17 करोड़ रुपए का ही भुगतान हो पाया है।
-संजय शर्मा, अधिशाषी अभियंता, जलदाय विभाग





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