Breaking News
recent

33 प्रतिशत से कम खराबे पर नहीं दे सकते सहायता— मेघवाल

जयपुर. प्रदेश में पिछले साल दिसंबर में ओलावृष्टि से हुए खराबे के मुआवजे को लेकर विधानसभा में बुधवार को सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोक हुई। नोकझोक का कारण मुख्यमंत्री अशेाक गहलोत का गृह जिला जोधपुर रहा।

मुआवजे को लेकर भाजपा के सतीश पूनिया के सवाल पर जब मंत्री भंवर लाल मेघवाल ने उत्तर दिया तो नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि जवाब से वह सिर्फ यह समझ पाए हैं कि पूरे प्रदेश में सहायता के हकदार सिर्फ जोधपुर के 2246 किसान ही है, शेष नहीं। इस पर मेघवाल ने कहा कि हां, यह बात सही है। बाकी सात जिलों में भी विशेष गिरदावरी कराई गई। लेकिन कलक्टरों ने 33 प्रतिशत से कम खराबे की रिपोर्ट दी है। ऐसे में एसडीआरएफ नियमों के तहत इन किसानों को पैसा नहीं दिया जा सकता।

पूनिया ने दिसंबर में ओलावृष्टि से हुए नुकसान और किसानों को दी गई सहायता को लेकर प्रश्र पूछा था। इस पर मेघवाल ने जवाब में बताया कि सात जिलों में फसलों के नुकसान की सूचना मिली थी। विशेष गिरदावरी में जोधपुर से 13 गांवों के 2246 कास्तकारों के प्रभावित होने की रिपोर्ट मिली है। शेष छह में खराबा 33 प्रतिशत से कम हुआ है। नियमित गिरदावरी की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद वास्तविक नुकसान का आकलन किया जा सकेगा। 5 मार्च तक यह नियमित गिरदावरी चलेगी। कलक्टर की रिपेार्ट में जो भी किसान 33 प्रतिशत से अधिक खराबे के दायरे में आएंगे, उन्हें राशि प्रदान की जाएगी।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.