अजमेर. ख्वाजा गरीब नवाज के उर्स में शामिल होने आए जायरीन से दरगाह इलाके में रौनक नजर आने लगी है लेकिन बदइंतजामियों के चलते उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालत ये है कि पुलिस मौजूद है इसके बावजूद ठेले व ऑटोरिक्शा वाले मोती कटला से आगे तक पहुंच रहे हैं।
दरगाह बाजार, नला बाजार, अंदरकोट, लंगरखाना गली, त्रिपोलिया बाजार आदि इलाका उर्स में शामिल होने आए जायरीन से अटा हुआ है और यहां के बाजार अतिक्रमण से।
जानकारों के अनुसार दरगाह बाजार व नला बाजार के व्यापारी हजार-पांच सौ रुपए लेकर उर्स के दौरान सामान बेचकर कुछ कमाने की गरज से बाहर से आए दुकानदारों के अपनी दुकानों के बाहर अस्थायी ठीये लगाने देते हैं। जिनका सामान सडक़ तक फैला रहता है। इससे जायरीन को आवाजाही में खासी परेशानी होती है। जायरीन को लेकर ओटो व ई-रिक्शा जायरीन भर कर मोती कटला के आगे तक बेधडक़ जा रहे हैं। चार पहिए के आठ-दस ठेले रविवार की शाम तक दरगाह बाजार व नलाबाजार में दरगाह के नजदीक तक जाते नजक आए, जबकि धानमंडी पर पुलिस की ओर से बेरिकेडिंग लगे हैं।
मेटल डिटेक्टर भी बंद
दरगाह के सभी प्रवेश मार्गों पर मेटल डिटेक्टर गेट लगाए गए हैं, जिनमें से अधिसंख्य काम नहीं कर रहे। इसके चलते दरगाह में सामान सहित जाने वाले जायरीन की जांच नहीं की जा रही। लंगरखाना गली व खादिम मौहल्ले में रेस्टोरेन्ट होटल चलाने वालों ने अपनी भट्टियां सडक़ पर ही लगा रखी हैं। दरगाह परिसर के झालरा प्लेटफार्म पर छोटे बत्तियों वाले स्टोव या छोटे गैस सिलेन्डरों का उपयोग किया जा रहा है।
धानमंडी से देहलीगेट तक जाम
ओटो व ई-रिक्शा की भरमार के कारण धानमंडी से देहलीगेट तक एवं पीरमिट्ठा गली से कड़क्का चौक तक कई बार जाम की स्थिति देखने को मिल रही है। लोडिंग टेम्पो के आवागमन से भी जायरीन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दुकानों का आवंटन
दरगाह कमेटी ने कायड़ विश्राम स्थली पर दुकानों का आवंटन शुरू कर दिया है। इसके बाद वहां बाजार सजने शुरू हो गए हैं। चिकित्सा विभाग व पुलिस ने अपना कैम्प लगा कर काम शुरू कर दिया है। जबकि जायरीन के नमाज अदा करने के लिए अलग से व्यवस्था की गयी है।





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