बुरहानपुर. 2 मार्च से शुरू होने जा रही 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने छात्रों व पर्यवेक्षकों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। परीक्षार्थी के नकल करते पकड़े जाने पर बोर्ड द्वारा पूरी परीक्षा को ही निरस्त कर दिया जाएगा। पर्यवेक्षक भी नकल में लिप्त पाया जाता है, तो उसे पांच साल तक परीक्षा कार्य से वंचित रखने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी होगी।
मंडल की सचिव ने हायर सेकंडरी और हाईस्कूल की परीक्षा को लेकर निर्देश में कहा है कि छात्र से एक विषय में नकल सामग्री मिलने, चिट निगलने, उत्तर पुस्तिका बदलना, फाडऩा या लेकर भाग जाने और नकल फॉर्म पर हस्ताक्षर करने से इंकार करने जैसी स्थिति निर्मित होती है, तो छात्र की उक्त विषय की परीक्षा निरस्त कर दी जाएगी। साथ ही उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन भी नहीं कराया जाएगा। छात्र द्वारा एक विषय या एक से अधिक विषयों में नकल पर्यवेक्षक, केंद्राध्यक्ष से दुव्र्यवहार पर उक्त छात्र की पूरी परीक्षा को निरस्त किया जाएगा।
सामूहिक नकल चैक करने देखेंगे दस कॉपियां
सामूहिक नकल का पता लगाने के लिए उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के दौरान भी सतर्कता बरती जाएगी। इस दौरान यदि परीक्षा केंद्र की कम से कम 10 उत्तर पुस्तिकाओं में हल किए गए एक तिहाई उत्तर एक ही भाषा शैली में, एक ही तरीके से लिखे गए होंगे, भले ही प्रश्न के क्रम बदलकर लिखे गए हों तो उन्हें सामूहिक नकल की श्रेणी में रखा जाएगा और परीक्षा निरस्त कर दी जाएगी।
30 फीसदी से कम रिजल्ट वालों पर नजर
पिछले साल जिन स्कूलों का रिजल्ट 30 फीसदी से कम आया था। वहां अधिकारियों की विशेष टीम की निगरानी में शैक्षणिक कार्य कराया गया है। शिक्षकों को सख्त हिदायत देते हुए स्कूल का रिजल्ट सुधारने की बात कही है। रिजल्ट बिगडऩे पर संबंधित शिक्षक और अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। इसलिए इस बार सभी को विशेष सतर्कता बरतने और दिए गए निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है ताकि नकल पर रोक लग सके और परीक्षा परिणाम उतकृष्ट आ सकें।





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