बुरहानपुर. बिजली के घाटे और राजस्व की चिंता के कारण अब वसूली के आधार पर अफसरों का परफॉरमेंस ऑडिट किया जाएगा। प्रदेश की तीनों बिजली कंपनियो ंने अपने परिक्षत्र में अधिकारियों की जवाब देही तय कर दी है। यानि अब जहां अच्छी वसूली होगी वहां अधिकारियों को प्रोत्साहन और खराब वसूली की स्थिति में अधिकारियों को जवाब देना पड़ सकता है। उक्त नए नियमों का खासी असर नेपानगर के ग्रामीण क्षेत्र में होने वाला है। नगरीय क्षेत्र की वसूली औसतन हो जाती है। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में कर्मचारियों को फजीहत उठाना पड़ती है। उपभोक्ताओं के पैसे नहीं चुकाने से कई बार विवाद की स्थिति बन जाती है।
प्रदेश में बिजली विभाग की आमदनी और खर्च के बीच औसतन करीब ४ हजार करोड़ का अंतर है। कंपनी के तमाम प्रयासों के बाद भी वसूली में उचित सुधार नहीं हो पाता है। ग्रामीण एरियाओ में ऐसी अधिक परेशानी होती है। कई जगहों पर कर्मचारियों के जाने की भी व्यवस्था नहीं। ऐसे में यहां वसूली करना उनके लिए तेढ़ी खीर साबित होने वाला है। वर्तमान में कंपनी द्वारा हर कार्यालय को प्रतिमाह टार्गेट दिए जाते हैं। महीने के अंत में प्राप्त आकड़ों का मूल्यांकन कर टार्गेट एचिवमेंट की स्थिति पता लगाई जाती है। लेकिन नए नियमों के आने से कर्मचारियों को अधिक मेहनत के साथ काम करना पड़ेगा।
एक्शन मोड़ में सरकार का निर्णय
बिजली चोरी और वसूली के क्षेत्र में सरकार का यह निर्णय एक्शन मोड़ वाला दिखाई पड़ रहा है। कंपनी द्वारा अधिकारियों को वसूली लक्ष्य पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करने को कहा गया है। कंपनी द्वारा अफसरों के कामकाज का रिव्यू भी करना तय कर दिया है। इसके बाद वसूली का डेटा राज्य मूल्यालय स्तर पर देखा जाएगा। सरकार अब वसूली का आंकड़ा मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास करने की तैयारी में है।
ग्रामीण क्षेत्र में अधिक रुकता है विभाग का पैसा
नेपानगर ग्रिड के अधिकारियों ने कहा कि नगर में वसूली ठीक रहती है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में बड़ी मात्रा में पैसा रुक जाता है। कर्मचारियों की कमी होने से हम उन तक सही समय पर पहुंच भी नहीं पाते हैं। जिससे टार्गेट पूरा करने में समस्या होती है। आने वाले समय में भी ऐसी परेशानी अधिक होना है। हर गांव में कई फालिए ऐसे भी होते हैं जहां पर चार पहिया वाहन का जाना तक मुमकिन नहीं। ऐसे में यहां पर पहुंच कर वसूली कर पाना अधिक समस्या वाला काम साबित होता है। विभाग को कई बार कर्मचारियों के बढ़ाने के लिए भी अवगत कराया जा चुका हैं। लेकिन अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है।
- अभी तक ऐसा का सर्कुलर नहीं आया है। हालांकि विभाग द्वारा प्रतिमाह टार्गेट दिए जाते हैं। उसी के अनुसार कर्मचारी वसूली करते है।
- जेई आरके पाटील, बिजली कंपनी कनिष्ठ यंत्री
बीयू१०२० : बिजली कंपनी कार्यलय।





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