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दौसा में महाविद्यालयों का हुआ एकीकरण, विभाजन का आदेश वापस

दौसा. राज्य सरकार ने दौसा पीजी कॉलेज को दो भागों में विभाजित करने के गत सरकार के आदेश वापस ले लिए हैं। अब फिर से एक ही नाम से कॉलेज संचालित होगा। गत दो वर्षों से छात्रनेता कॉलेज को फिर से एक कर पुराने भवन में ही संचालित करने की मांग कर रहे थे। इस पर अब सरकार ने कॉलेज का एकीकरण तो कर दिया, लेकिन वाणिज्य व विज्ञान संकाय का संचालन नवीन भवन में करने के आदेश जारी कर छात्रों के सामने मुसीबत भी खड़ी कर दी है।
राज्यपाल के आदेशानुसार शासन उप सचिव की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि वर्ष 2016 में राजकीय महाविद्यालय दौसा को दो भागों में विभाजित करने के निर्णय को प्रत्याहरित किया जाता है। अब एकीकृत कॉलेज का नाम स्व. पण्डित नवलकिशोर शर्मा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय होगा।
एकीकृत महाविद्यालय का कला संकाय पूर्वनिर्मित भवन में तथा वाणिज्य संकाय की कक्षा नवीन भवन में संचालित की जाएगी। नवीन भवन में आधारभूत सुविधाएं तथा प्रयोगशाला कक्ष उपलब्ध हो जाने पर विज्ञान संकाय को नवीन परिसर में हस्तांतरित किया जाएगा। प्रयोगशाला कक्ष निर्माण के लिए विधायक मुरारीलाल मीना ने विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से 50 लाख रुपए उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। प्रयोगशालाओं के निर्माण के लिए अन्य स्त्रोत से राशि जुटाने का प्रयास करने को कहा गया है। गौरतलब है कि नवीन भवन जीरोता कलां में स्थित है, जो जिला मुख्यालय से करीब 6-7 किलोमीटर दूर है। नवीन भवन में करीब एक दर्जन कमरे ही हैं और जमीन भी पर्याप्त नहीं है।
इनको राहत, उनकी मुसीबत
गत सरकार के समय कॉलेज के विभाजन की घोषणा के साथ ही नवीन भवन में कला कॉलेज को शिफ्ट करने की चर्चा चल रही थी। तभी से छात्रनेता विरोध कर रहे थे। उनका कहना था कि वर्तमान भवन में ही सभी संकायों का संचालन किया जा सकता है। कांग्रेस सरकार के आते ही नए भवन में वाणिज्य-विज्ञान संकाय के संचालन की चर्चा चल पड़ी। कुछ माह पहले विधायक सहित अन्य नेताओं ने भरोसा दिलाया था कि वे प्रयास कर रहे हैं कि कॉलेज का स्थानान्तरण नहीं हो। विधायक के प्रयास से कॉलेज का एकीकरण तो हो गया है, लेकिन आदेश में संकाय स्थानान्तरण आने से किसी के लिए राहत तो किसी के लिए मुसीबत खड़ी हो गईहै। कला कॉलेज पुराने भवन में ही संचालित होने के निर्णय से इस कॉलेज के छात्रों में खुशी है। वहीं वाणिज्य संकाय के छात्रों के लिए मुसीबत खड़ी हो गईहै। विज्ञान संकाय भी नवीन भवन में जाएगा, लेकिन प्रयोगशालाओं का निर्माण होने के इंतजार में आगामी एक सत्र पुराने भवन में ही संचालित होने की उम्मीद है।
आना-जाना पड़ेगा महंगा
दौसा शहर से नवीन भवन तक जाना-आना छात्राओं के लिए महंगा पड़ेगा। जीरोता कलां के लिए साधनों का भी अभाव है। करीब दस से पन्द्रह रुपए एक बार का किराया लगता है। ऐसे में छात्रों पर आर्थिक भार पड़ेगा। वहीं शहर से दूर भी हो जाएंगे। वाणिज्य व विज्ञान संकाय में छात्राएं भी पढ़ती हैं।

संकायवार छात्र संख्या
कला संकाय 7300
विज्ञान 1400
वाणिज्य 375

इनका कहना है...
सभी संकायों का संचालन वर्तमान भवन में ही करने की मांग है। नवीन भवन शहर से दूर है और कई तरह की परेशानी होगी। इसलिए वर्तमान भवन में ही संकायों का संचालन किया जाए। जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से इस संबंध में फिर से मांग की जाएगी।
दिलीप सत्तावन, छात्रसंघ अध्यक्ष, विज्ञान-वाणिज्य कॉलेज दौसा

सरकार ने कॉलेज एकीकरण के आदेश जारी कर दिए हैं। नए सत्र से पहले की तरह कॉलेज का संचालन होगा। हालांकि स्टाफ सहित अन्य प्रक्रियाओं को लेकर निदेशालय से विस्तृत निर्देश मिलना अभी शेष है।
एसडी गुप्ता, प्राचार्य, विज्ञान-वाणिज्य कॉलेज दौसा



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