जयपुर। विधानसभा अध्यक्ष सी.पी.जोशी ने सोमवार को सदन की कार्यवाही के दौरान महुवा में देसी शराब दुकानों के आवंटन में अनियमितता के मामले को लेकर सरकार की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने पहले संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल से सदन में ही संबंधित अधिकारी को निलंबित करने की घोषणा करने को कहा। बाद में 24 धंटे में कार्रवाई कर सदन को सूचित करने के निर्देश दिए। जोशी ने कहा कि इससे दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति नहीं हो सकती कि विधायक के ध्यानाकर्षण लगाने के बाद विभाग कार्रवाई करे।
महुवा विधायक ओम प्रकाश हुडला ने ध्यानाकर्षण के जरिए यह मामला उठाते हुए कहा कि 9 मई 2019 को आबकारी निरीक्षक ने अवैध रूप से दुकान की लोकेशन मंजूर की। हमने शिकायत की तो निरस्त कर दी। लेकिन उसी दुकान में गोदाम की मंजूरी दे दी। इससे प्रतीत होता है कि अनुज्ञाधारी और निरीक्षक की मिलीभगत की। इसकी लिखित शिकायत मैंने आबकारी कमिश्रर से की तो भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक विधायक को आबकारी आयुक्त के कार्यालय में कोई मान्यता नहीं मिली। मैने 26 जनवरी को ध्यानाकर्षण लगाया। इसके बाद जवाब में सरकार ने 16 सीसीए की कार्रवाई करना बताया।
धारीवाल ने अपने जवाब बताया कि 2019-20 की अवधि के लिए देसी मदिरा समूह महवा का आबंटन द्रोपदी देवी के नाम किया गया था। विधायक की शिकायत के बाद तीन दुकानें निरस्त कर दी गई हैं। तत्कालीन निरीक्षक लोकेश कुमार यादव को 16 सीसीए का नोटिस जारी किया गया। तत्कालीन जिला आबकारी अधिकारी लक्ष्मी नारायण देवंदा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद जोशी ने दखल देते हुए धारीवाल से कहा कि आप सदन में उसको निलंबित करने की घोषणा करें। धारीवाल ने कहा कि नोटिस का जबाव आ जाने पर अधिकतम कार्रवाई करेंगे। इस पर जोशी ने फिर कहा कि मैं बहुत चिंतित हूं। अधिकारियों को यह मैसेज जाना चाहिए कि विधानसभा सदस्यों की बात को गंभीरता से लें।





No comments:
Post a Comment