बुरहानपुर. जच्चा.बच्चा को प्रदान की जा रही सेवाओं पर नजर रखने के लिए अब ऑनलाइन एप शुरू किया गया है। इसका नाम अनमोल एप है, याने एएनएम ऑनलाइन। टैबलेट.आधारित यह एप्लिकेशन से गर्भवती महिलाओं और जन्म लेने वाले बच्चों की संया, योजनाओं का समय से क्रियान्वयन, जनसंया सर्वेक्षण सहित अन्य प्रकार का डेटा को सहेज कर रखा जा सकेगा।
स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट के प्रभार वाले जिले में इस साल के आंकड़े पर नजर डाले तो ० से ५ साल तक १७७ बच्चों की मौत हुई है। इसमें बड़ा आंकड़ा समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों का है। जबकि ५ साल के अंदर मृत बच्चों की मौत कैसे हुई इसका रिव्यू स्वास्थ्य विभाग ले रहा है, कि ताकि इसके मृत होने का कारण पता चल सके। इन आंकड़ों का कम करने के लिए अनमोल एप शुरू किया गया है। इस डिजिटल प्रक्रिया में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी, गर्भावस्था में टीकाकरण, परिवार नियोजन, शिशु.मातृ मृत्यु दरआदि का डेटा सुरक्षित रखा जा सकेगा। एएनएम टैबलेट पर ऑडियो और वीडियो के जरिये विशेषज्ञ डॉक्टर एएनएम को उचित परामर्श भी दे सकेंगे। इंटरनेट से कनेक्ट नहीं होने की स्थिति में भी टैबलेट काम करेगा। मैटरनल डेथ और जीवित जन्म शिशु मृत्यु दर भी घटेगी।
दे चुके हैं ट्रेनिंग
एएनएम को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। टैबलेट का वितरण ाी किया जा चुका है। अनमोल एप का उद्देश्य ग्रामीण आबादी, आउटरिच एरिया, शहरी मलिन बस्तियों में जागरूकता लाने सहित स्वास्थ्य.स्वच्छता जैसे बिदुओं पर जागरूक करना भी है।
पहले यह था हाल
प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत एएनएम नई गर्भवती महिलाओं एवं नवजातों की संया आदि का डेटा जुटाकर, स्वास्थ्य केन्द्र पर आकर रजिस्टर में जानकारी दर्ज करती हैं। जिला स्तर तक डाटा पहुंचने में काफी समय लग जाता है। एएनएम के फील्ड वर्क पर निगरानी रखना भी मुश्किल है। अब एएनएम को तत्काल जानकारी एप पर अपलोड करनी होगी।
- अनमोल एप याने एएनएम इन ऑनलाइन एप शुरू हो गया है। इसका मुय उद्देश्य शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी लाना है।
- डॉक्टर विक्रम वर्मा, सीएमएचओ





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