युवाओं ने भगवा रंग के कुर्ते पहने थे एवं सिर पर साफे बांधे खूब नाचे झूमे, शोभायात्रा में महिलाओं ने कलश धारण किए हुए थे। शोभायात्रा में 700 सङ्गे अधिक ग्रामीण पुरुष महिलाएं सिमलित हुई। शोभायात्रा के बाद पंडित प्रवीन शास्त्री की विदाई का कार्यक्रम हुआ। इस दौरान मोतीराम पटेल, रविंद्र शिवहरे, दयाराम पटेल, रामप्रसाद पटेल, गोरेलाल पटेल ने कहा कि 15 साल बाद गांव में भागवत कथा का आयोजन हुआ इससे गांव में बहुत उत्साह था। भागवत कथा में सभी गांव वासियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।
बुरहानपुर/डोईफोडिय़ा. ग्राम ताजनापुर में श्रीमद् भागवत कथा का शनिवार को समापन हुआ। सुबह 10 बजे से 12 बजे तक कथा का वाचन करते हुए पंडित प्रवीण कृष्ण शास्त्री महाराज ने बताया कि सात दिवसीय भागवत पुराण में हमने जो सुनाओ उसका हमें उपयोग लेना चाहिए।अच्छे कर्म करना चाहिए कभी भी हमारी सोच पॉजिटिव होना चाहिए, नेगेटिव सोच से हमेशा नुकसान होता है।
महाराज ने कहा कि गांव में भागवत कथा में पहली बार इतनी बड़ी भीड़ देखा कि बैठने के लिए पंडाल कम पड़ गया। इससे ऐसा लगता है कि इस गांव में धार्मिक प्रवृत्ति के लोग हैं एवं आपस में मिल जुल कर रहते हैं। कथा समापन पर भंडारे का आयोजन हुआ। शाम 6 बजे से 7 बजे तक समापन के अवसर पर गांव में दिंडी यात्रा निकाली गई। भजन की धुन एवं डीजे की धुन पर श्रद्धालु खूब झूमे, युवाओं में काफी उत्साह था। युवाओं ने भगवा रंग के कुर्ते पहने थे एवं सिर पर साफे बांधे खूब नाचे झूमे, शोभायात्रा में महिलाओं ने कलश धारण किए हुए थे। शोभायात्रा में 700 सङ्गे अधिक ग्रामीण पुरुष महिलाएं सिमलित हुई। शोभायात्रा के बाद पंडित प्रवीन शास्त्री की विदाई का कार्यक्रम हुआ। इस दौरान मोतीराम पटेल, रविंद्र शिवहरे, दयाराम पटेल, रामप्रसाद पटेल, गोरेलाल पटेल ने कहा कि 15 साल बाद गांव में भागवत कथा का आयोजन हुआ इससे गांव में बहुत उत्साह था। भागवत कथा में सभी गांव वासियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।





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