—मुख्यमंत्री ने बातों बातों में जेडीए की प्रवर्तन शाखा पर उठाए सवाल, कहा वहां होता है भ्रष्टाचार
जयुपर. आवासन मंडल को मजबूत करने को लेकर बिड़ला सभागार में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोेक गहलोत और नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल के अलग—अलग बयान दिखे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तो जेडीए की प्रवर्तन शाखा पर सवाल उठाते हुए रिव्यू की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि यदि आवासन मंडल भी पावर मिलने के बाद जेडीए की तरह हो जाएगी।
आवासन मंडल के स्थापना दिवस पर रविवार को हुए कार्यक्रम में पहले नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड राज्य में 1000 करोड़ रुपए के अतिक्रमण हटा चुका है। वह भी बिना किसी अतिक्रमण शाखा के होते हुए। इनके पास डीवाईएसपी, एसपी और सीआई को तो छोड़िए, एक कांस्टेबल भी नहीं है। अब बदलने का समय आ गया है। घुटने तक तो हम मंडल को लेकर आ गए हैं। अब खड़ा करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री के आदेश संशोधन बिल लेकर आ रहे है। सीएम ने मंजूरी दी है। इसके बाद अतिक्रमण हटाने का काम किया जाएगा। मंडल को वकाया वसूल करने और सीज करने की शक्ति दी जाएगी। ये मुख्यमंत्री के आदेश हैं। एक्ट को मंजूरी मिल गई है। इस विस सत्र में इसे पेश किया जाएगा।
इसके बाद जब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बारी आई तो उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि बिना किसी शक्ति के मंडल ने 1000 करोड़ रुपए की जमीन को मुक्त करवा लिया। फिर पावर क्यों ले रहे हो आप। शक्तियां मिलने के बाद जेडीए बन जाओगे, समझो बात को। हम आपके लिए ऐसी व्यवस्था करेंगे कि आपकी भावना बनी रहे। शक्तियां मिलीं तो दु:खी हो जाओगे। इस मामले में धारीवाल जी एक्सपर्ट हैं। जब आपको जरूरत होगी तब आपको फोर्स मिल जाएगी। आज जेडीए में अच्छे अधिकारी लगना नहीं चाहते हैं। अच्छे आईपीएस रुकना नहीं चाहते। जेडीए में भ्रष्टाचार हो रहा हैं। दो इमारत हैं, एक को तंग करेंगे एक को छूट देंगे। ये धारणा बनी हुई है। उसका कारण है पुलिस की फोर्स का होना भी है। उसको रिव्यू करनी पड़ेगी।





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