मेहंदीपुर बालाजी.
देश के प्रसिद्ध आस्थाधाम मेहंदीपुर बालाजी में निजी बस संचालकों ने राजस्थान रोडवेज की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यहां निजी बस संचालक यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए कस्बे में अनाधिकृत प्रवेश कर सवारियां भर रहे हैं। जबकि सरकारी बसों को सवारिया नहीं मिलने से हजारों रुपए प्रतिदिन का राजस्व नुकसान हो रहा है। इस संबंध में स्थानीय प्रशासन को उच्चाधिकारियों द्वारा पत्र लिखे जाने के बाद भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है। यहां बालाजी दर्शनार्थ बड़ी तादाद में यात्री आते हैं, लेकिन निगम के निर्धारित समय से 10 मिनट पहले अवैध व निजी वाहन पुलिस प्रशासन व परिवहन विभाग के अधिकारियों को धता बताकर यात्री भरकर ले जाते हैं। ये निजी बसें आस्थाधाम से दिल्ली के लिए संचालित होती हैं। इससे परिवहन निगम को प्रतिदिन करीबन 50 हजार रुपए की आर्थिक हानि हो रही है। बालाजी से दिल्ली चलने वाली निजी वाहनों का कोई परमिट नहीं है, वहीं क्षमता से अधिक यात्री भरकर ले जाते है। इतना ही नहीं निर्धारित बस स्टैंड से पीछे महंत किशोरपुरी हॉस्पिटल के आगे से बसों को सडक़ किनारे खड़ी कर दिल्ली के लिए गाडिय़ों को भरते हैं।
जबकि निगम का वाहन बस स्टैंड (अंजलि माता के मंदिर के सामने) से संचालित हैं। निजी वाहन संचालक बालाजी दर्शन कर लौटने वाले श्रद्धालुओं को निगम की बसों तक पहुंचने ही नहीं देते हैं।
निगम का कोई व्यक्ति इन्हें टोकता है तो स्थानीय होने की धौंस देकर निगम बस के चालक परिचालक के सामने बस स्टैंड से यात्री बैठा लेते हैं। इस संबंध में स्थानीय रोडवेज बुकिंग प्रतिनिधि नवलकिशोर मीना ने बताया कि रोडवेज बुकिंग के आसपास के क्षेत्र को नो पार्किंग क्षेत्र घोषित करने की जरूरत है। अवैध व निजी वाहनों से गत माह निगम को करीब 15 लाख का नुकसान हुआ है। प्रशासन ने दिल्ली के लिए संचालित अवैध व निजी बसों को शीघ्र नहीं रोका तो आस्था धाम से रोडवेज सेवा प्रभावित हो सकती है।इन वाहनों पर कार्रवाई के लिए स्थानीय व उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा है।





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