pali. पत्रिका। जैतारण क्रय विक्रय सहकारी समिति लि. जैतारण के माध्यम से राजफेड द्वारा सर्मथन मूल्य पर खरीदे गए साढ़े सात करोड़ के मूंग में ‘घुन’ पड़ता दिख रहा है। व्यवस्थापक ने मूंग के कट्टों में हेराफेरी का आरोप लगाया है। इधर, गुणवत्ता में कमजोर पाए जाने पर वेयरहाउस में मूंग के 21 हजार कट्टे जमा करने से इनकार कर दिया है। इससे मूंग मंडी में खुले आसमान तले पड़ा है। क्षेत्र के किसानों से राजफेड ने समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीद की थी। खरीदा हुआ मूंग वेयर हाउस में जमा कराया जाना आवश्यक है। वेयर हाउस ने मूंग के 21 हजार कट्टे गुणवत्ता में कमजोर मानते हुए लौटा दिए। इससे साढ़े सात करोड़ का मूंग खुले में रखना पड़ा है। इधर, जैतारण क्रय-विक्रय सहकारी समिति के अध्यक्ष गुणाराम सोलंकी ने समिति के व्यवस्थापक को नोटिस थमाया है। उन्होंने कहा कि जैसे -जैसे मूंग की खरीद की गई, तत्काल वेयरहाउस में भिजवाना चाहिए था।
मूंग में हेराफेरी का आरोप क्रय-विक्रय सहकारी समिति जैतारण के व्यवस्थापक पाबूराम चौधरी ने सर्मथन मूल्य पर खरीदे मूंग की गुणवत्ता में हेराफेरी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कृषि उपज मण्डी में रखे माल की सुरक्षित वेयरहाउस पहुंचाने की जिम्मेदारी ठेकेदार की होती है। लेकिन कई कट्टों में भरे माल के वजन में कमी आई है। इसके लिए ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। समिति ने करीबन 2800 किसानों से 92849 कट्टे मूंग की खरीद की है। माल वेयरहाउस में जमा होने के बाद करीब 21 हजार कट्टे (अनुमानित कीमत साढ़े सात करोड़) आसमान तले पड़े हैं।
खुले में पड़े इसलिए दिया नोटिस
सर्मथन मूल्य पर खरीदे मूंग की किस्म में गिरावट कैसे आई इसकी जांच कराई जाएगी। मूंग वेयरहाउस से रिर्टन हो रहा है। इस लापरवाही पर समिति व्यवस्थापक को नोटिस दिया है। 21 हजार कट्टे खुले में पड़े हैं। यह वेयरहाउस में जमा होना आवश्यक है। इसके लिए अधिकारी,कर्मचारी व ठेकेदार ही इसके जिम्मेदार है।
गुणाराम सोलंकी, अध्यक्ष, क्रय-विक्रय सहकारी समिती जैतारण





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