जयपुर. दिल्ली चुनाव को लेकर विधानसभा में दो दिन से चल रही नोक-झोक के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य अमीन खान ने चुनाव परिणाम को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को खरी-खरी सुना दी। खान ने भाजपा और उनकी खुद की पार्टी कांग्रेस को इंगित करते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि हमने पूंजिपतियों का सहारा लिया। इसीलिए गरीब हमसे राजी नहीं।
राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान खान ने आम जनता को अपने वक्तव्य के केन्द्र में रखा। पूरे सदन ने उनके वक्तव्य को शांत रह कर सुना। पांचवीं बार विधायक बने 81 वर्षीय खान ने शिक्षा व्यवस्था की बात करते हुए कहा कि दिल्ली के परिणामों पर चर्चा चल रही है। भाजपा में विद्वानों कीी क्या कमी थी, लेकिन जनता ने उसे मना कर दिया। हमारी कांग्रेस को भी मना कर दिया। केजरीवाल ने गरीब की तालीम के लिए सबसे अच्छा काम किया। ये परिणाम तालीम का ही असर हैं। हमने पूंजिपतियों का सहारा लिया। उन्हें खुश करने की कोशिश की। इसीलिए गरीब हमने राजी नहीं है।
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तो इल्जाम सरकार पर आएगा
स्कूलों और अस्पतालों में रिक्त पदों की बात करते हुए अमीन ने कहा कि जब अध्यापकों और व्याख्याताओं के पचास प्रतिशत पद रिक्त रहते हैं तो गरीब कैसे ऊपर आ पाएगा। यह सरकार और विपक्ष दोनों देखें कि यह पद रिक्त नहीं रहें। यदि इन पदों की पूर्ति नहीं की गई तो गरीब को अशिक्षित रखने का इल्जाम सरकार पर आएगा।
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सबल लोग उठा रहे आरक्षण का लाभ
शुरुआत से ही गरीब को लेकर उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, जनजाति का आरक्षण तो ठीक है। लेकिन इसका लाभ इस वर्ग के सबल लोग ही उठा रहे हैं। गरीब का स्तर आज भी खराब है। सरकार को चाहिए कि उनके शिक्षा, स्वास्थ्य के अच्छे इंतजाम करें। सरकारी स्कूल, पब्लिक स्कूल से एक कदम ऊपर रहने चाहिएं।





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