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जयुपर में अब लाइट मेट्रो

एक्सक्लूसिव

जयपुर. भले ही प्रदेश सरकार ने बजट में मेट्रो फेज—2 को लेकर कोई घोषणा नहीं की हो, लेकिन इस पर काम चल रहा है। सरकार के सामने बजट की चिंता है। इसी वजह से सरकार का ध्यान लागत कम करने पर है। इसी को ध्यान में रखते हुए जयपुर मेट्रो फेज—2 का निर्माण अब लाइट मेट्रो कॉन्सेप्ट पर होगा। यानी सिविल वर्क से लेकर प्लेटफॉर्म के आकार को भी छोटा किया जाएगा। मेट्रो के अधिकारियों की मानें तो अब भारत सरकार लाइट मेट्रो कॉन्सेप्ट को ही बढ़ावा दे रही है। नए कॉन्सेप्ट से लागत 45 से 50 फीसदी तक कम हो जाएगी।
पिछली डीपीआर में मेट्रो फेज—2 के निर्माण कार्य में 12000 करोड़ रुपए से लागत आ रही थी। अभी जो डीपीआर बन रही है, इसमें सरकार लागत को कम करना चाहती है। एक सप्ताह के अंदर नई डीपीआर बनकर तैयार हो जाएगी। मेट्रो अधिकारियों की मानें तो नई डीपीआर में 5000 करोड़ रुपए की लागत आने की संभावना है।
नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने फेज—2 की इजाजत दे दी है। जल्द ही डीपीआर बनकर तैयार हो जाएगी।


अभी निर्माण कार्य का हाल
—अभी मेट्रो का काम रेलवे की तर्ज पर किया जाता है। सिविल स्ट्रेक्चर को भी रेलवे के मानकों पर ही परखा जाता है। बड़े—बड़े प्लेटफॉर्म बनते हैं और स्टेशन पर भी जगह खूब छोड़ी जाती है। जयपुर मेट्रो के अधिकतर स्टेशन आकार में इतने बड़े हैं कि मेट्रो प्रशासन जगह की नीलामी कर रहा है। निर्माण कार्य में समय ज्यादा लगता है और लोगों को भी परेशानी होती है।
—लाइट मेट्रो में सिविल वर्क तेजी से होगा। काम भी जल्दी होगा। लोगों को परेशानी भी कम होगी। मेट्रो स्टेशन के आकार को छोटा किया जाएगा। साथ ही प्लेटफॉर्म के आकार को भी छोटा किया जाएगा।


अगले सप्ताह पूरी होगी डीपीआर
इस महीने के अंत में डीपीआर तैयार हो जाएगी। इसको बनाने में तीन करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। पहली बार 2010 में फेज—2 की डीपीआर बनी थी। 2014 में इस डीपीआर को रिवाइज्ड किया गया। तीन साल तक इस डीपीआर पर किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। 2017 में चीन की कम्पनी को डीपीआर बनाने का काम दिया गया। कम्पनी ने वीकेआई रोड नम्बर—14 तक ले जाने का सुझाव दिया। अब फिर से डीपीआर बनने का काम चल रहा है। यह पूरा होने को है।

एलिवेटेड होगा पूरा रूट
नई डीपीआर में करीब 26 किमी मेट्रो का रूट प्रस्तावित है। पूरा रूट एलिेवेटेड होगा। पहले 10 किमी रूट भूमिगत था। पहले 20 स्टेशन थे। अब इनकी संख्या को घटाकर 18 कर दिया है।


......
जयपुर को आधुनिक बनाने में हमारी सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी। मेट्रो भी आएगी। हम भूले नहीं है। पहले फेज का काम चल रहा है। बड़ी चौपड़ पर काम पूरा होने को है। जल्द ही परकोटा में मेट्रो ट्रेन का संचालन शुरू होगा।
—अशोक गहलोत, मुख्यमंत्री
आवासन मंडल के कार्यक्रम में यह बात कही



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