नई दिल्ली। शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ( Shiv Sena Sanjay Raut ) ने नागरिकता संशोधन कानून ( CAA ) पर दिल्ली में हुई हिंसा पर कहा कि दिल्ली हिंसा में जल रही थी तो केंद्र सरकार क्या कर रही थी? उन्होंने केंद्र सरकार को कटघरे में खड़े करते हुए कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ( Home Minister Amit Shah ) ने सड़क पर उतरकर हिंसा रोकने के लिए पहली करनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसलिए सवाल तो उठेंगे ही।
संजय राउत ने एक सवाल के जवाब में कहा की दिल्ली की मौजूदा दशा ( Delhi Present Condition ) अत्यंत गंभीर है और यह सब तब है, जब देश में मजबूत सरकार है। मजबूत प्रधानमंत्री और मजबूत गृहमंत्री हैं। इस सरकार ने कश्मीर जैसे मसले को भी सुलझाया है। ऐसे में दिल्ली की हिंसा चिंताजनक है। इस बारे में संसद के आने वाले सत्र में चर्चा जरूर होगी।
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दिल्ली विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी की हार पर राउत ने कहा कि दिल्ली में धार्मिक आधार पर चुनाव लड़ने की कोशिश की गई लेकिन जनता ने यह संदेश दिया कि अब काम के आधार पर चुनाव लड़ा जाएगा। उन्होंने जिलाधिकारी से मुलाकात की और कहा कि ठाकरे का अयोध्या दौरा पूरी तरह धार्मिक है। राजनीतिक हलचल मचाने की कोई मंशा नहीं है। ठाकरे के दौरे से राममंदिर निर्माण में कोई बाधा नहीं आएगी।
शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में उद्घव ठाकरे अयोध्या आ रहे हैं। रामलला को प्रणाम करेंगे और सरयू आरती में शामिल होंगे। इस दौरान हमारे सांसद, विधायक व मंत्री भी मौजूद रहेंगे।
राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ( CM Uddhav Thackeray ) बने हैं तो महाराष्ट्र में रामराज्य की बात होनी चाहिए। सरकार के 100 दिन पूरे हो गए हैं। सरकार ठीक से चल रही है। प्रभु श्रीराम की कृपा से सब अच्छा चल रहा है। उन्होंने कहा का कि हमारे सामने प्रभु श्रीराम का आदर्श है। राममंदिर आंदोलन में शिवसेना की भी भूमिका रही है इसलिए हम बार-बार अयोध्या आते हैं। महाराष्ट्र को भी हम अयोध्या के रूप में देखते हैं। राउत ने बताया कि शुक्रवार को वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( CM Yogi Adityanath ) से भी मिलेंगे।
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शिवसेना नेता ने कहा कि अयोध्या में जल्द ही भव्य राममंदिर ( Ram Temple ) का निर्माण होगा जिससे कि पूरे देश में अच्छा संदेश जाएगा। राममंदिर ट्रस्ट धार्मिक है राजनीतिक नहीं। उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए गठित श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बारे में उठे सवाल का उत्तर देते हुए कहा कि मंदिर निर्माण का मालिकाना हक जताने का विषय नहीं है। सभी को मिलकर मंदिर का निर्माण करना होगा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में तीन विचारधाराओं के लोगों ने एक साथ मिलकर सरकार बनाई है। यह काम बहुत कठिन काम था, लेकिन प्रभु श्रीराम की वजह से यह संभव हो गया है।
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