पाटोदी. शायद ही एेसी कोई पंचायत समिति प्रदेश में होगी, जिसकी सभी ग्राम पंचायतों में रोडवेज बस सेवा नहीं है, सिवाय पाटोदी के। पाटोदी की 21 ग्राम पंचायतों की करीब एक लाख की आबादी आजादी से लेकर अब तक निजी बसों में सफर कर रही है। उनकी मनमर्जी का किराया, ठसाठस बसें भरने से आर्थिक बोझ के साथ अनहोनी के डर के बीच सफर करना पड़ता है।
पाटोदी पंचायत समिति में एक भी रोडवेज बस संचालित नहीं होने से 21 ग्राम पंचायतों के बाशिंदे परेशान है। पाटोदी बड़ा व्यापारिक केंद्र है और यहां पंचायत समिति, उप तहसील, आईटीआई कॉलेज भी है। यहां के व्यापारी जोधपुर, बालोतरा, बालेसर, परेऊ, गिडा आते-जाते हैं तो विद्यार्थी व आमजन भी आवाजाही करते हैं। एेसे में पाटोदी मुख्यालय से प्रतिदिन 40 से 45 निजी बसें संचालित होती है, जबकि रोडवेज बस सेवा का अभाव है।
यात्रियों को परेशानी- निजी बसों की मनमानी से कई बार यात्री भी परेशान होते नजर आ रहे हैं। वे अपनी मनमानी यात्रियों से किराया वसूलते हैं वहीं क्षमता से अधिक सवारियां भरते हैं। निजी बसों में कोई भी किराया सूची नहीं होने से मनमर्जी का किराया लिया जाता है। लोग लम्बे समय से रोडवेज बस सेवा की मांग कर रहे हैं, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा।
जनता की जुबानी- क्षेत्र में रोडवेज बसों का संचालन जरूरी है। यात्रियों को सुविधा तो रोडवेज को भी अच्छी कमाई होगी।- मनोहरलाल सोनी, ग्रामीण
पाटोदी में रोडवेज बस सेवा नहीं होने से महिलाओं को परेशानी सहनी पड़ती है। निजी बसों में ना तो सीट मिलती है और ना ही रियायत। - संगीता सोनगरा , गृहणी
खस्ताहाल सड़कें हादसों को दे रही निमंत्रण
- बिखरी कंक्रीट पर वाहन रपटते, चालक व सवार होते चोटिल
बालोतरा. नगर में खस्ताहाल सड़कें हादसों को न्यौता दे रही है। मुख्य व बाजार मार्गों के अलावा मौहल्लों की सड़कों में हुए गड्डे, बिखरी कंक्रीट से आवागमन को हर दिन हजारों जनों को परेशानी होती है। कंक्रीट से वाहन रपटने पर चालक व सवार चोटिल होते हैं। नगर परिषद के खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत नहीं करने से आमजन में रोष है।
नगर में खस्ताहाल सड़कों पर राहगीर व वाहन चालक राहत को तरस गए हैं। सड़कों में गड्डों से अधिक इनके उधडऩे से बिखरी कंक्रीट से राहगीरों व वाहन चालकों को अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। नगर के प्रमुख मार्गों, बाजारों व मौहल्लों की सड़कों के उधडऩे से बिखरी कंक्रीट पर आवागमन के दौरान जहां राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ती है। इनसे वाहन रपटने से नीचे गिरने पर चालक व सवार चोटिल होते हैं। अब तक घटित हादसों में दर्जनों जने चोटिल हो चुके हैं। विशेषकर रात्रि के दिनों में वाहन चालकों को अधिक परेशानी उठानी पड़ती है।





No comments:
Post a Comment