जयपुर. प्रदेश में जयपुर, जोधपुर और अजमेर समेत 17 शहरों के परिधि क्षेत्र में आ रहे गांवों में आवास योजना के लाभ को लेकर सरकार ने नौ महीने बाद फिर कायदे बदल दिए हैं। अब इन गांवों के आवासहीन लाभार्थी फिर से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत सहायता राशि ले सकेंगे।
पिछले वर्ष जून माह में सरकार से एक आदेश जारी कर परिधि क्षेत्र की पंचायतों में ग्रामीण योजना के बजाय प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत सहायता देने का फैसला किया है। इस बारे में सभी कलक्टरों को निर्देश भी दिए गए थे कि वह परिधि क्षेत्र के गांवों के लिए ग्रामीण योजना में लक्ष्य आवंटित नहीं करें। हाल ही ग्रामीण विकास विभाग ने फिर से कलक्टरों को आदेश जारी कर इस बाध्यता को हटा दिया है।
सूत्रों के अनुसार प्रदेश के 17 शहरों के परिधि क्षेत्र में सरकार की सूची के अनुसार कुल 1776 गांव आ रहे हैं। इनमें अकेले जयपुर के 608 गांव शामिल हैं। मई-जून 2019 में सरकार के फैसले के बाद इन गांवों में ग्रामीण योजना के तहत आवास स्वीकृत नहीं किए जा रहे थे। लेकिन हाल ही जब इसकी समीक्षा की गई तो अब तक बीती अवधि में करीब तीन हजार ही लाभार्थियों के लिए शहरी योजना के तहत स्वीकृति जारी हो पाई है। इतनी कम प्रगति और लक्ष्यों की पूर्ति के लिए फिर से नियमों को बदला गया है।
लाभार्थी को तीस हजार का फायदा
ग्रामीण और शहरी आवास योजनाओं में सबसे बड़ा अंतर सहायता राशि का है। यदि परिधि क्षेत्र के तहत कस्बाई क्षेत्रों में शहरी योजना के तहत लाभ मिलता तो लाभार्थी को 1.50 लाख रुपए सहायता का प्रावधान है। जबकि ग्रामीण में यह राशि 1.20 लाख रुपए है। परिधि क्षेत्र के गांव भविष्य में शहर का ही हिस्सा बन जाते हैं, यही सोचते हुए सरकार ने पहले नियमों में बदलाव किया था।
पहले कहा यह...
13 जून 2019 को कलक्टरों को दिए निर्देश में कहा था कि इन 17 शहरों के अधिसूचित परिधि क्षेत्र की पंचायतों में आवास योजना ग्रामीण के तहत स्वीकृति जारी नहीं की जा सकेगी। इन पंचायतों को लक्ष्य आवंटित नहीं करें।
अब बदला नियम...
28 फरवरी को जारी निर्देश में कहा है कि परिधि क्षेत्र के लाभार्थी स्वेच्छा से दोनों में से किसी भी योजना के तहत लाभ ले सकते हैं। ऐसे में जिन लाभार्थियों को शहरी योजना में लाभ नहीं मिल पाया है, उन्हें ग्रामीण येाजना के तहत लाभ दिया जाए।





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