अजमेर. नाकाबंदी में पुलिस पर फायरिंग कर भाग रहे कार में सवार तीन बदमाशों को जिले की बिजयनगर थाना पुलिस ने मंगलवार 7 पिस्टल व एक चले हुए कारतूस के खोल सहित धर-दबोचा। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि गिरोह ने हरियाणा में गैंगवार के इरादे से मध्यप्रदेश से हथियार खरीदे थे। उन्हें हरियाणा में हथियार की डिलीवरी देनी थी। पुलिस ने उनके खिलाफ आम्र्स एक्ट में प्रकरण दर्जकर किया।
पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि मंगलवार को बिजयनगर थाना पुलिस को भीलवाड़ा से अजमेर की ओर आ रही आई-20 कार में हथियारों की सूचना मिली। थानाधिकारी विजयसिंह ने नाकाबंदी कर गुलाबपुरा की तरफ से आई कार को रुकने का इशारा किया। लेकिन चालक ने रुकने की बजाय रफ्तार और बढ़ा दी। पुलिस ने पीछा किया तो आरोपियों ने एक राउंड फायर कर दिया। पुलिस ने पीछा करते हुए कार के सामने जीप लगा घेराबंदी कर दी। पुलिस ने कार सवार चूरू राजगढ़ बेरासर बड़ा निवासी बंसीलाल जाट (38), हरियाणा चरखी-दादरी कारीदास निवासी जयपाल जाट (44) और कारीरूपा निवासी कृष्ण कुमार जाट (36) को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनसे तीन पिस्टल के अलावा कार की तलाशी में एयर फिल्टर में छुपाकर रखी 4 पिस्टल व ड्राइवर सीट के पास से चले हुए कारतूस का खोल बरामद किया। कार्रवाई में हैडकांस्ेटबल लक्ष्मण, सिपाही नवल सिंह व चालक तैय्यब हुसैन शामिल रहे।
हत्याकांड में सहआरोपी
आरोपियों के खिलाफ 40 से ज्यादा हत्या, मारपीट, जमीन पर कब्जे, शराब की तस्करी, गैंगवार के प्रकरण हैं। बंसीलाल राजगढ़ कोर्ट में अजय जैतपुरा हत्याकांड में सहआरोपी था। छह माह पहले बीकानेर जेल में जमानत पर रिहा हुआ जबकि उसके साथियों की एसओजी को तलाश है। उसको हरियाणा में राजेश को हथियार देने थे जबकि असला पहले पहुंच चुका था।
पुलिस पर आजमाया कारतूस
पुलिस पड़ताल में आया कि आरोपियों ने मध्यप्रदेश में सेंदवा बलवाड़ी से हथियार खरीदे। हथियार विक्रेता ने उन्हें एक कारतूस बतौर ट्रायल के लिए दिया। बिजयनगर में नाकाबंदी में पुलिस के पीछा करने पर आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग में ही उस कारतूस को आजमा लिया।
गैंगवार की बढ़ गई थी आशंका
पुलिस पड़ताल में आया कि अजय जैतपुरा की हत्या के बाद से गैंगवार की आशंका बढ़ गई थी। बंसीलाल को गिरोह के राजेश, प्रवीण, मिंटू माडसिया, सम्पत मेहरा, शेरावली निवासी अंकित भादू, संदीप सिंघानी व अनिल ढाणी ने मध्यप्रदेश से हथियार खरीदने गया था। गिरोह अपनी गैंग का वर्चस्व बनाए रखने के लिए किसी भी हद तक गैंगवार को तैयार रहता है।





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