जयपुर। पंचायत चुनाव के पहले चरण में 1119 ग्राम पंचायतों में नामांकन होने के बाद कानूनी अड़चनों के चलते सीलबंद अभिरक्षा में रखी गई 412 ग्राम पंचायतों में अब फिर से नामांकन दाखिल किए जाएंगे।
जबकि 707 ग्राम पंचायतों में पहले वाले नामांकन को ही वैध माना गया है। जिन 412 ग्राम पंचायतों में नामांकन दाखिल किए जाएंगे, उन ग्राम पंचायतों में प्रत्याशियों की ओर से जमा कराई गई अमानत राशि भी उन्हें वापस लौटाई जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने इन ग्राम पंचायतों के संबंधित जिला कलक्टर्स को इन ग्राम पंचायतों के लिए जारी की गई लोक सूचना वापस लेने के भी निर्देश दिए हैं।
दरअसल 412 ग्राम पंचायतें पुनर्गठन में आरक्षण व्यवस्था से प्रभावित हुई हैं।इसलिए आयोग चौथे चरण में इन ग्राम पंचायतों का चुनाव कराएगा।मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्याम सिंह राजपुरोहित ने बताया की कुल 1119 में से 412 ग्राम पंचायतों में चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाना संभव नहीं था। इन ग्राम पंचायतों पर पुनर्गठन का प्रभाव पड़ा है।
पुर्नगठन से इनकी आरक्षण व्यवस्था प्रभावित हुई है जबकि प्रथम चरण की 707 ग्राम पंचायतों पुनर्गठन से जो परिवर्तन हुआ है उनमें आरक्षण में किसी तरह का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है, इसलिए अब इन ग्राम पंचायतों में चुनाव कराने में किसी तरह की कानूनी अड़चनें नहीं है।
फिलहाल आयोग ने प्रथम चरण के चुनाव में सीलबंद अभिरक्षा में रखी गई 1119 ग्राम पंचायतों में से 707 ग्राम पंचायतों का चुनाव कार्यक्रम जारी किया है। गौरतलब है कि प्रदेश की करीब 4 हजार ग्राम पंचायतों के चुनाव अप्रेल के दूसरे सप्ताह में होना प्रस्तावित है।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को अप्रेल के दूसरे सप्ताह में चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। आयोगबची हुई ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषद का चुनाव चौथे चरण में ही कराएगा जिसकी तैयारियां आयोग में तेजी से रही है।





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