बीकानेर. शक्ति की अराधना का पर्व चैत्र नवरात्रा बुधवार से शुरू हो गए। सुबह शुभ मुहूर्त में श्रद्धालुओं ने घरों में देवी माता का घट स्थापित कर ज्योत प्रज्जवलित की गई। मां की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं शहरी क्षेत्र के देवी मंदिरों में भी पुजारियों ने घट स्थापित किए। हालांकि दर्शनार्थियों के लिए मंदिर बंद रहे। देवी आराधना के दौरान नौ दिनों तक उपवास का संकल्प भी लिया। एक अप्रैल को दुर्गाष्टमी और दो अप्रैल को राम नवमी मनाई जाएगी।
वायरस का साया
आमतौर पर चैत्र नवरात्रा में देवी मंदिरों में भजन-कीर्तन व जागरण के आयोजन होते हैं। इस बार कोरोना वायरस का साया होने से मंदिर बंद ही हैं। देशनोक की करणीमाता मंदिर के अलावा बीकानेर में नागणेचेजी मंदिर, सुजानेदसर में काली माता मंदिर, जयपुर रोड पर वैष्णोदेवी मंदिर, नत्थूसर गेट बाहर मां आशापुरा गायत्री माता, त्रिपुरा सुन्दरी मंदिर अमरसिंहपुरा स्थित वैष्णोदेवी मंदिर, करमीसर रोड स्थित सच्चीयाय माता, वेटरनरी विश्वविद्यालय परिसर स्थित करणी माता मंदिर में घट स्थापना के साथ पूजा-आरती की गई।
पं. बाबूलाल शास्त्री ज्योतिष बोध संस्थान की ओर से सहस्त्र सप्तशति पाठ और महामृत्युंज्जय का जाप 26 मार्च से 8 अप्रैल तक शहर के विभिन्न धार्मिक स्थलों में पंडित राजेन्द्र किराड़ू के सान्निध्य में होगा।





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