पाली. मस्ती की पाठशाला में ढाई हजार बेटियां निखर रही है। जिला प्रशासन और महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने पढ़ाई में कमजोर बालिकाओं के लिए ‘आपणी बेटी आपणो मान ’ अभियान के तहत मस्ती की पाठशाला कार्यक्रम चलाया है। इसमें सोजत ब्लॉक की 26 सौ बालिकाओं का भविष्य संवार रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग, दिल्ली द्वारा बेटियों के लिए देशभर में हुए नवाचारों के लिए 25 जिले चिह्ति किए गए हैं। इसमें पाली का प्रदेश का यह एकमात्र जिला है।
नवम्बर 2019 में सोजत ब्लॉक से पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया गया था। इसमें पांचवीं से आठवीं तक की ऐसी बालिकाओं के लिए अतिरिक्त कक्षाएं शुरू की गई, जो पढ़ाई में अत्यंत कमजोर है। उन्हें विद्यालय समय के अतिरिक्त हिंदी, अंग्रेजी व गणित विषय का ज्ञान दिया जा रहा है।
इसलिए किया नवाचार
बालिका शिक्षा उन्नययन में सामने आया कि 50 फीसदी बालिकाएं ही प्राथमिक से 12वीं तक अध्ययन करती है। एक निष्कर्ष में यह भी खुलासा हुआ कि अध्ययन में बालकों की तुलना में बालिकाओं की अनियमितता रहती है तथा बीच में पढ़ाई छोडऩे का अनुपात भी बेटियों का ज्यादा है। सामाजिक परिवेश, आर्थिक स्थिति एवं अभिभावकों की अशिक्षा के कारण भी कक्षा 8-9 की बालिकाओं का शैक्षणिक स्तर कमजोर होना प्रभावी कारण माना गया है। ऐसी बालिकाओं का शैक्षणिक स्तर सुधारने के लिए जिला कलक्टर दिनेशचंद जैन के निर्देशन में सोजत ब्लॉक की 40 स्कूलों में यह नवाचार शुरू किया गया।
पढ़ाई का बदला पैटर्न
इसमें पढ़ाई का परम्परागत तरीका बदला गया। स्कूल समय के अतिरिक्त विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बालिकाओं को हिंदी, गणित व अंग्रेजी विषय के प्रति रुचि पैदा की जा रही है। हिंदी व अंग्रेजी में अक्षर ज्ञान, अंक ज्ञान, संक्ष विशेषण, क्रिया, वाक्य रचना इत्यादि के लिए गीत, हाव भाव इत्यादि तरीके अपनाए जा रहे हैं। जोड़, बाकी, गुणा, भाग का दैनिक जीवन में काम आने वाले उदाहरण देकर गणित पढ़ाई जा रही है। विशेष कक्षाओं के लिए दक्ष शिक्षकों को जिम्मा सौंपा गया।
तीन माह में ये आए नतीजे
-90 फीसदी बालिकाओं ने शिक्षण में नियमित भाग लिया।
-सरल तरीके से अभ्यास कराई गई विषय वस्तु के प्रति बालिकाओं की रुचि बढ़ी।
-बालिकाओं के आत्म विश्वास मेंं इजाफा हुआ।
-विद्यालय का शैक्षणिक स्तर भी सुधरा।
जिला कलक्टर आज बताएंगे नवाचार की खूबियां
बेटियों की शिक्षा के लिए देशभर में नवाचार करने वाले 25 जिलों का महिला एवं बाल विकास विभाग ने चयन किया है। इसमें पाली का नवाचार भी शामिल है। महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में दिल्ली के एक होटल में गुरुवार को होने वाले कार्यक्रम में जिला कलक्टर जैन इस नवाचार की खूबियों से अवगत कराएंगे। पाली के नवाचारों की कहानियां भी प्रकाशित होंगी।
नवाचार से हुआ सुधार
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह नवाचार जिले के मात्र सोजत ब्लॉक में शुरू किया गया था। इससे बालिकाओं के शैक्षणिक स्तर में काफी सुधार आया है। विभिन्न गतिविधियों के प्रति उनकी रुचि भी पैदा हुई। यह हमारे के लिए खुशी की बात है। देश में सराहना मिलना भी जिले के लिए गौरव का विषय है।
दिनेशचंद जैन, जिला कलक्टर, पाली
बेटियों का आत्मविश्वास बढ़ा
इस नवाचार से न केवल बालिकाओं में अंग्रेजी व गणित जैसे विषयों के प्रति भय और झिझक कम हुई है, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। स्कू ल आने के लिए भी रुचि पैदा हुई है। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उन्हें पढ़ाया जा रहा है।
प्रवीण जांगिड़, प्रधानाचार्य, राउमावि, धाकड़ी





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