भीलवाड़ा .
Corona virus affected textile कोरोना वायरस अब वस्त्रनगरी में खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। कोरोना वायरस की रोगियों की संख्या अब ६ से बढ़कर ११ हो गई है। ऐसे में टेक्सटाइल उद्योग तक प्रभावित हो रहा है। इसे लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भीलवाड़ा के औद्योगिक संगठनों से सुझाव मांगे है कि ऐसे स्थिति में सरकार से क्या मदद चाहिए। सरकार ने यह सुझाव प्रदेश के सभी जिला उद्योग केन्द्र से मांगे है। सूत्रों के अनुसार वस्त्रनगरी में पिछले कुछ समय से कपड़ा उद्योग का उत्पादन बढऩे से हालात में सुधार आया ही था कि कोरोना के कहर के चलते सभी संकट में आ गए।Corona virus affected textile निर्यात पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। कपड़ा निर्यात नहीं हो रहा है। मार्बल, ग्रेनाइट, सेण्ड स्टोन का निर्यात भी ठप हो गया है। ऐसे में लगभग १५० करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। वीविंग उद्योग में जॉब दर बढ़ी तो सभी को लगा की अब उद्योग चलने लगे है, लेकिन फिर से स्थिति गड़बड़ा गई है। प्रोसेस हाउसों को कलर केमिकल्स नहीं मिल रहे है। यह माल चीन से आता है जो अब स्थानीय स्तर पर समाप्त हो गया है। नया माल आ नहीं रहा है। ऐसे में कपड़ा प्रोसेस की लागत तक बढ़ गई है। हालांकि जिला प्रशासन ने कोरोना पॉजेटिव के ११ रोगी सामने आने के बाद सभी उद्योगों को बन्द करवा दिए गए है।
औद्योगिक संगठनों ने यह दिए सुझाव
सरकार ने कोरोना वायरस के चलते टेक्सटाइल उद्योग पर क्या असर पड़ा। इसकी रिपोर्ट जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबन्धक से मांगी है। जीएम ने यह रिपोर्ट औद्योगिक संगठनों के आधार पर सरकार को भेजी है। इसमें सभी तरह के रिटर्न जैसे आयकर रिटर्न, जीएसटी रिटर्न सहित अन्य तरह के रिटर्न की अवधि तीन से छह आगे बढाने की मांग की है। बैंकों के बकाया ऋण पर किश्ते जमा कराने में छूट मिले तथा ब्याज को भी किश्तों के माध्यम से जमा हो। इसके अलावा अन्य कई तरह के सुझाव दिए गए है।
मेवाड़ चैम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इण्डस्ट्री के महासचिव आरके जैन ने बताया कि कोरोना वायरस के चलते पूरे देश के साथ भीलवाड़ा की हालात ज्यादा खराब है। इसका असर भीलवाड़ा के टेक्सटाइल उद्योग पर भी पड़ा है। सिन्थेटिक्स विविंग मिल्स एसोसिएशन के सचिव रमेश अग्रवाल ने बताया कि सरकार ने टेक्सटाइल को लेकर कुछ सुझाव मांगे है वह जिला उद्योग केन्द्र के माध्यम से भेजे गए है।





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