पाली। मौसमी बीमारियों [ Seasonal disease ] को फैलने से रोकने के साथ सामान्य दिनों में हाथों व घर की सफाई के लिए आयुर्वेदिक तरीके से सेनेटाइजर [ Sanitizer ] बनाया जा सकता है। इसका उपयोग करके सर्दी, खांसी, जुकाम, एलर्जी, नेत्र रोग, नासा रोग आदि के समय उपयोग करने से रोगी के साथ उसके सम्पर्क में आने वाले सुरक्षित रह सकते हैं। इसमें कुछ घरेलू उपयोग की सामग्री के साथ पेड़ों के पत्ते और अन्य सामग्री शामिल हैं।
सेनेटाइजर बनाने की पहली विधि
नीलगिरी के बीज, नीम के ताजा पत्ते, काली मिर्च, प्याज के बीज, अदरक, तुलसी के पत्ते, हरी मिर्च के पत्ते, नींबू के छिलके, चक्रमर्ड के बीज तथा फिटकरी ये सभी पांच-पांच ग्राम लेने। इन सभी को एक लीटर पानी में उबाले। जब पानी आधा लीटर रह जाए तो उसे छान लेना है। इसके बाद छाने गए मिश्रण में 20 ग्राम एलोवीरा की गिरी मिला ले। यह सेनेटाइजर आप हाथों पर लगाने के लिए उपयोग में ले सकते हैं।
सेनेटाइजर की दूसरी विधि
नीम का तेल, करंज तेल, कपूर तेल, नीलगिरी तेल व काली मिर्च तेल की बराबर-बराबर मात्रा लेकर इनमें चौथाई भाग पुदीना सत व अजवायन सत मिला ले। यह सेनेटाइजर का काम करेगा। पुदीना सत व अजवायन सत नहीं होने पर रेक्टिफाइड स्प्रिट का उपयोग किया जा सकता है। इसके साथ ही यदि दोनों तरह के सेनेटाइजर बनाने में किसी एक-दो चीज की कमी हो तो अन्य चीजों का उपयोग करने से भी सेनेटाइजर बन जाएगा।





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