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खेत में लगी गेहंू और चने की फसल, गिरदावरी एप पर पटवारियों ने दर्ज कर दी केला फसलें

बुरहानपुर. फसल की गिरदावरी गलत करने के कारण किसान परेशान हो रहे हैं। खेतों पर गेहूं, चना की फसल लगी होने के बाद भी राजस्व विभाग के पटवारियों ने किसानों के खेत में केला, मक्का और रिक्त भूमि की गलत जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर दी। अब इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। इस गड़बड़ी के चलते किसान समर्थन मूल्य पर गेहूं और चना बेचने के लिए पंजीयन नहीं करा पा रहे हैं। ७ केंद्रों पर ४०० से अधिक किसानों के फार्म अटक गए हैं।
समर्थन मूल्य पर गेहूं और चना खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन ई.उपार्जन पोर्टल पर एक फरवरी से २ मार्च तक किया गया। ४०० से ज्यादा किसानों की रबी फसल का रिकार्ड गिरदावरी एप पर गलत दर्ज हो गए। ऐसे किसानों को अब फिर से गिरदावरी करवाने के लिए वापस भेजा जा रहा है। गिरदवरी एप पर हुई गड़बड़ी के कारण ही पिछली बार से सिर्फ ४० फीसदी किसानों का ही पंजीयन हो पाया है। जिलेभर के पांच केंद्रों पर किसानों का पंजीयन किया गया। पंजीयन के लिए किसान केंद्रों पर पहुंचे तो कई किसानों की फसल का रिकार्ड ही पोर्टल पर नहीं दिखा। वहीं कई किसानों की फसल गिरदावरी एप पर केला अन्य फसलों के साथ ही रिक्त भूमि बताई गई। इसके लिए किसानों को अब संबंधित पटवारी और तहसील के चक्कर काटने पड़ रहे है।
३५०० किसानों का ही हुआ पंजीयन
किसानों की उपज ऑनलाइन चढ़ाने में गड़बडी करने से इस साल पंजीयन कराने वाले किसानों की संख्या पिछले साल से ६० प्रतिशत कम हो गई। गिरदावरी एप पर गलत जानकारी दर्ज हो जाने से पंजीयन केंद्रों पर भी किसानों का पंजीयन नहीं हो पा रहा। समर्थन मूल्य का पंजीयन पोर्टल बंद होने के कारण कई किसान इस समर्थन मूल्य पर अपनी उपज नहीं बेच पाएंगे। ऐसे किसानों को उपज बाजार या मंडी में कम दाम पर बेचना पड़ेगी। जिले में 15 हजार से अधिक किसान गेहूं चने का उत्पादक करते है। पिछले साल ८ हजार किसानों ने समर्थन मूल्य खरीदी के लिए पंजीयन कराया था। लेकिन इस बार अब तक ३५४७ किसान ही पंजीयन कराया है।
१७७३ गेहूं और २३८६ क्विंटल चने का पंजीयन
शासन ने इस साल गेहूं का समर्थन मूल्य 1925 रुपए और चना का ४८७५ रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। इस साल समर्थन मूल्य पर 8 5 रुपए बढ़ाए हैं। ७ खरीदी केंद्रों के साथ ही मोबाइल एप के माध्यम से २ मार्च तक ३५४७ किसानों ने ही पंजीयन किया है।गेहूं १७७३ क्विंटल और चना २३८६ क्विंटल है। २५ मार्च से गेहूं की खरीदी शुरू होकर २२ मईतक चलेगी।
किसानों ने जताया विरोध
शुक्रवार को एमागिर्द पंजीयन केंद्र पर पहुंचे किसानों ने गिरदावरी पर गलत उपज दर्ज होने के कारण समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिलने पर विरोध दर्ज किया। ग्राम बोरसल के किसान विनोद नगीनलाल और किशोर वामन ने कहा कि हमारे खेत में गेहूं लगा होने के बाद भी पटवारी ने खाली भूमि गिरदावरी एप पर दर्ज कर दी। अब पंजीयन के लिए परेशान होना पड़ रहा है।किसान मयूर महाजन ने कहा कि किसानों की उपज का सही दाम मिले इस लिए शासन को उपज की एक निर्धारित राशि तय करना चाहिए। खेती करने वाला किसान ऑनलाईन और पंजीयन के चक्कर में परेशान होता है।
इन केंद्रों पर इतना पंजीयन
केंद्र पंजीयन
एमागिर्द सोसायटी ५३१
विपणन संस्था ४८३
वृहत्तकार लोनी ५१९
शाहपुर सोसायटी ८१
सीवल संस्था २५४
तुकाईथड़ संस्था ३२६
धूलकोट समिति ६७
मोबाइल और अन्य १२८६
- गिरदावरी एप पर दर्ज होने वाली रबी फसलों में गलती सुधार के लिए पटवारियों और किसानों को समय दिया गया था। किसानों को १० फरवरी तक ऑनलाइन पर दर्ज अपनी फसल देखकर सुधार करना था।अब फसलों में सुधार करना संभाव नहीं है।
ाुमानसिंह चौहान, सहायक अधीक्षक, भू.अभिलेख



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