जयपुर। बाड़मेर में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के काफिले पर हमले के मामले में आज राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक सहित पांच अधिकारी लोकसभा में विशेषाधिकार हनन कमेटी के समक्ष पेश होंगे। बताया जाता है कि राज्य के अधिकारी आज दोपहर 1 बजे कमेटी के समक्ष पेश हो सकते हैं।
ऐसा पहली बार हो रहा है जब प्रदेश के आईएएस और आईपीएस अफसरों को एक साथ लोकसभा में तलब किया जा रहा है। जिस वक्त सांसद हनुमान बेनीवाल के काफिले पर हमला हुआ था, उस समय केंद्रीय मंत्री और बाड़मेर सांसद कैलाश चौधरी भी बेनीवाल के साथ थे।
बेनीवाल पर ये हमला 14 नंवबर को हुआ था। इस मामले में पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज नहीं करने पर बेनीवाल ने पिछले साल 19 नवंबर को विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लोकसभा में रखा था। उन्होंने लोकसभा के स्पीकर ओम बिडला से अनुरोध किया था कि उनके विशेषाधिकार हनन के प्रस्ताव को समिति के पास भेज दिया जाए। स्पीकर ने इसे स्वीकार करते हुए मामला कमेटी के पास भेज दिया था। इसके बाद इसी माह विशेषाधिकार हनन कमेटी ने अधिकारियों को तलब किया था।
मुख्य सचिव ने सोमवार को ली थी बैठक
मुख्य सचिव ने सोमवार को सचिवालय में हुई बैठक में गृह विभाग के एसीएस राजीव स्वरूप, डीजीपी भूपेंद्र सिंह, बाड़मेर के तत्कालीन एसपी शरद चौधरी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों से तथ्यात्मक जानकारी लेकर रिपोर्ट पर चर्चा की। बैठक में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि काफिले पर हमला होने के बाद तुरंत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी।
ये अधिकारी होंगे पेश
लोकसभा की विशेषाधिकार हनन कमेटी ने जिन अधिकारियों को तलब किया है उनमें मुख्य सचिव डीबी गुप्ता , डीजीपी भूपेंद्र यादव, एडीजीपी उमेश मिश्रा, बाड़मेर के तत्कालीन एसपी शरद चौधरी और सीएमओ में विशेष सचिव अमित ढाका को तलब किया है।





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