अजमेर. नाबालिग लड़की की सात दिन में सगाई करने के बाद सम्मेलन में शादी और नाता प्रथा में विवाह करने का मामला सामने आया है। कथित किशोरी के दादा व चाचा ने मामले में पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप से गुहार लगाते हुए षड्यंत्रपूर्वक विवाह व एक अन्य युवक पर उसे अगवाकर ले जाने का आरोप लगाया है। एसपी ने मामले में कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
माखूपुरा निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग ने शिकायत दी कि उसके दो पुत्र हैं। गत फरवरी में नसीराबाद तिलाना निवासी रामनारायण अपने पुत्र राकेश का उसकी पौत्री से विवाह का प्रस्ताव लेकर आया। लेकिन पौत्री के नाबालिग होने पर शादी से इन्कार कर दिया। अलबत्ता बालिग होने पर विवाह की बात कहते हुए सगाई की तारीख पक्की कर ली। सात फरवरी को वह बेटे व परिवार के अन्य सदस्यों को सगाई के लिए ब्यावर ले गए। ब्यावर पहुंचने पर पता चला कि सामूहिक विवाह सम्मेलन है। यहां रामनारायण तथा उसके बेटे राकेश व घनश्याम ने उसकी पौत्री के उम्र संबंधित कूटरचित दस्तावेज तैयार करवाकर सम्मेलन में शादी करवा दी। इससे लड़की की तबीयत बिगड़ गई। आरोपी उसके बेटे से माफी मांगते हुए सब कुछ ठीक होने की बात कहते हुए पौत्री को साथ ले गए। बुजुर्ग ने आरोप लगाया कि राकेश ने उसकी नाबालिग पौत्री का देहशोषण किया।
पैसे लेकर नाता विवाह
पीडि़त बुजुर्ग ने बताया कि 10 फरवरी को राकेश उसकी पोती को पीहर छोड़ गया। दूसरे दिन 11 फरवरी को परिवार के लोग सुबह उठे तो उसकी पोती नदारद थी। उन्होंने मामले में शिकायत आदर्शनगर थाने में दी। पुलिस ने अपहरण के मामले की बजाय गुमशुदगी दर्ज की। इस दरमियान उन्हें जानकारी मिली कि रामनारायण व उसका पुत्र राकेश सरवाड़ बडग़ांव निवासी गणेश पुत्र तेजाराम से मिलीभगत कर नाबालिग पोती को अगवा कर ले गए। 13 फरवरी को उसका नाता प्रथा में गणेश के साथ विवाह कर उससे छुटकारा राशि भी प्राप्त कर ली। आरोपी सगाई के नाम पर उसकी नाबालिग पोती को चढ़ाए गए जेवर भी हड़प कर ले गए। बुजुर्ग ने आरोप लगाया कि यह सब कवायद समाज के पंचों के सामने हुई। अगवा करने में गणेश की बहन व उसका बहनोई भी शामिल है।
पुलिस पर मिलीभगत का आरोप
पीडि़त बुजुर्ग ने आदर्शनगर थाना पुलिस पर भी आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने मामले में पुलिस को भी सूचना दी लेकिन पुलिस ने पूर्व में दर्ज गुमशुदगी का हवाला देते हुए आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई करने से इन्कार कर दिया। पुलिस नाबालिग पौत्री को तलाशने की उन्हें सरवाड़ व केकड़ी घुमाकर लौट आई।





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