भूपेन्द्र सिंह .अजमेर
राजस्व अधीनस्थ अदालतों में लम्बित चल रहे करीब चार लाख मुकदमों cases के निस्तारण के लिए अब पीठासीन अधिकारियों officers पर सख्ती की तैयारी की जा रही है। राजस्व मंडल revenue board जल्द ही सभी जिला कलक्टरों को निर्देश करेगा कि वे मातहत अधिकारियों की एनुअल कॉफिंडेशियल रिपोर्ट (एसीआर ACR ) भरते समय पुराने राजस्व विवादों के निस्तारण को भी ध्यान में रखें, उसके बाद ही रिपोर्ट भरी जाए। पुराने राजस्व मुकदमों के निस्तारण पर आउटस्टैंडिंग रिपोर्ट दर्ज की जाए। एसीआर जब भी भरी जाएगी तो उसका पैमाना पुराने राजस्व प्रकरण का निस्तारण भी होगा। यदि ऐसा नहीं होगा तो एसीआर स्वीकारकर्ता अधिकारी के रूप में राजस्व मंडल अध्यक्ष प्रतिकूल deteriorate टिप्पणी दर्ज करेंगे। मंडल चेयरमैन राज्य के एसडीएम, एसीएम, आरएए, डीसी, एडीसी व जिला कलक्टर सहित 450 अधिकारियों की एसीआर स्वीकार करते हैं।
ई-मेल से भेजे जाएंगे नोटिस
राजस्व मंडल की ओर से तहसीलदारों के जरिए मुकदमों के सम्बन्धित पक्षकारों को भेजे जाने वाले नोटिस अब ई-मेल के जरिए भेज जाएंगे। तहसील कार्यालय में इसका प्रिंट निकालकर सम्बन्धित को तामील कुनिंदा के जरिए तामील करवाया जाएगा। इससे नोटिस तामील करवाने में तेजी आएगी तथा समय की भी बचत होगी। शीघ्रता से जवाब आने पर अदालतों में मुकदमों की सुनवाई में भी तेजी आएगी। अब तक मुकदमों के नोटिस राजस्व मंडल डाक के जरिए भेजता है इससे अधिक समय लगता है।
सदस्यों को दो जिलों का ही आवंटन
राजस्व मंडल 17 सदस्यों को अब पर्यवेक्षण व निरीक्षण के लिए 2-2 जिलों का जिम्मा दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान वह अधीनस्थ राजस्व अदालतों की कार्यशैली देखेंगे। मुकदमों का निर्णय भी देख सकते हैं। कितना रिकॉर्ड राजस्व मंडल से भेजा गया है कितना पेंडिंग है यह रिपोर्ट भी राजस्व मंडल को देंगे। सितम्बर में बड़े टार्गेट के अनुसार अधीनस्थ राजस्व अदालतों में मुकदमों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। पूर्व में एक सदस्य को 5-6 जिलों का निरीक्षण का जिम्मा दिया जाता था।
सीलिंग को हटाकर लगाए जाएंगे 40 केस
राजस्व मंडल में प्रत्येक सदस्य के पास 80 केस लगते थे एकल व खंडपीठ में। अब सीलिंग को हटाकर 40 केस लगाए जाएंगे, ताकि अधिकतर केस में बहस हो सके और गुणवत्तापूर्ण निर्णय हो सके, तारीखें नहीं पड़ें। पुराने केस निपटाने के लिए 10 वर्ष से अधिक के केस निपटारे के लिए 1 से अधिक सिंगल बेंच (एसबी) बनाई जाएंगी। अब्दुल रहमान बनाम सरकार के प्रकरणा में प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करना होगा। डबल बैंच की संख्या 2 से बढ़ाकर 3-4 की जाएगी। मेम्बरों की उपस्थिति रही तो इसकी संख्या 5-6 भी की जा सकती है। एसडीओ को मुकदमों के निस्तारण के लिए तीन दिन कोर्ट में बैठना ही होगा।
इनका कहना है
केस डिस्पोजल के आधार पर एसीआर भरी जाएंगी। पुराने केसों का निस्तारण प्रमुखता से करना होगा।
-मुकेश शर्मा, अध्यक्ष राजस्व मंडल
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