चित्तौडग़ढ़. किसी समय भले महिलाओं को पुरूषों की तुलना में कमजोर समझा जाता रहा हो लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके है। ऐसा कोई क्षेत्र नहीं बचा जहां महिलाओं ने सफलता का परचम नहीं फहराया है। हर क्षेत्र में महिला सफलता की कहानियां बया कर रही है। प्रशासन हो या पुलिस, राजनीति हो समाजसेवा हर क्षेत्र में महिलाएं सक्रिय रूप से पुरूषों से कंधे से कंधा मिलाकर उनके समान कार्य कर ये बता रही है कि वे कोमल जरूर है लेकिन कमजोर किसी स्तर पर नहीं है। चित्तौडग़ढ़ जिले में प्रशासनिक दृष्टि से पहली बार ऐसा मौका आया है जब कई महत्वपूर्ण पदों पर एक साथ महिला अधिकारी आसीन है। दो महिला आईएएस अधिकारी नम्रता वृष्णि जिला परिषद सीईओ व तेजस्वी राणा चित्तौडग़ढ़ एसडीएम का दायित्व संभाले हुए है तो पुलिस महकमे में कामकाज की मुख्य धुरी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय का दायित्व भी एक महिला सरिता सिंह के कंधों पर ही है। वन्य जीव संरक्षण का दायित्व भी आईएफएस सविता दहिया के पास है। नगर परिषद में आयुक्त का दायित्व दुर्गा कुमारी तो पुरूष प्रधान महकमे आबकारी में भी जिलाधिकारी का दायित्व महिला रेखा माथुर के पास है। रसद अधिकारी पद पर बीजल सुराणा ने हाल ही कई जगह अवैध गैस सिलेण्डर के भंडार पकड़ पहचान बनाई है।
ग्रामीण विकास का पर्यवेक्षण नम्रता के पास
भारतीय प्रशासनिक सेवा की वर्ष २०१३ के बैच की अधिकारी नम्रता वृष्णि जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी के नाते गत एक वर्ष से जिले में ग्रामीण विकास व पंचायतराज से जुड़े सभी कार्यो का पर्यवेक्षण कर रही है। उनके कार्यकाल में ही गत लोकसभा चुनाव में स्वीप अभियान के माध्यम से मतदाता जागरूकता के क्षेत्र में भी नम्रता के कार्यो की चर्चा रही। उत्तरप्रदेश की मूलनिवासी नम्रता पहले डूंगरपुर व बीकानेर जिला परिषद सीईओ भी रह चुकी है।
कानून व्यवस्था के लिए सरिता हर समय तैयार
राजस्थान पुलिस सेवा की वरिष्ट अधिकारी सरिता सिंह अपराधियों के लिए खौफ कहलाती है तो सामाजिक कार्यो में उनकी सक्रियता भी चर्चा में रहेती है। करीब बीस वर्ष से पुलिस सेवा में सक्रिय सरिता उनके पास आने वाले बाल, वृद्ध व महिला उत्पीडऩ के मामलों में संवेदनशीलता से सुनवाई करने वाली अधिकारी मानी जाती है। पुलिस अधिकारी सरिता पहले भीलवाड़ा के सहाड़ा, टोंक के मालपुरा व अजमेर भी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पद पर रह चुकी है।
निकाय चुनाव में बोल्डनेस से तेजस्वी ने बनाई पहचान
नगर परिषद चुनाव में निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी का दायित्व संभालने वाली भारतीय प्रशासनिक सेवा की वर्ष २०१७ बैच की अधिकारी २८ वर्षीय तेजस्वी राणा ने कुछ ही माह में आमजन में पहचान बनाई है। गत अक्टूबर से चित्तौडग़ढ़ उपखण्ड अधिकारी हरियाणा मूल की राणा ने नगर परिषद चुनाव से जुड़ी प्रक्रिया में नियमों की पालना कराने में पूरी बोल्डनेस दिखाई व विवादित मामलों को जिस तरह निपटाया वे भी चर्चा में रहा।
शहरी विकास का काम दुर्गा के हवाले
नगर परिषद आयुक्त पद पर पिछले तीन माह से अधिक समय से सेवाएं दे रही दुर्गा कुमारी शहर के विकास का दायित्व संभालने वाली इस सबसे महत्वपूर्ण संस्था का नीति निर्धारण करने में अहम भूमिका निभा रही है। भीलवाड़ा नगर परिषद आयुक्त भी रही दुर्गा कुमारी के समक्ष स्वच्छता व ग्रीन-क्लीन चित्तौैड़ की छवि बनाने की चुनौती है। हाल ही शुरू हुए अतिक्रमण विरोधी अभियान में भी वे सक्रिय रही है।
वन्य जीवों की रक्षा का जिम्मा सविता पर
भारतीय वन सेवा की अधिकारी सविता दहिया पर जिले के वन्य जीव संरक्षण का दायित्व है। गत एक वर्ष से अधिक समय से चित्तौडग़ढ़ में कार्यरत दहिया ने शहर में दो बार पेंथर पहुंच जाने के मामले में भी उसे पुन: पकड़ जंगल तक छुड़वाने में अहम भूमिका निभाई। जिले के वन्यजीव अभयारण्य में सुविधाएं बढ़ाने के लिए उनके द्वारा की जा रही पहल भी चर्चा में है।
जिला रसद अधिकारी बीजल सुराणा
जिला रसद अधिकारी का दायित्व युवा अधिकारी बीजल सुुराणा संभाल रही है। बीजल के नेतृत्व में ही गत एक माह में दो-तीन बार अवैध गैस भंडारण के मामलों का खुलासा हुआ। इसके बाद अब उनकी पहल पर ही रसद विभाग ने रसोर्ई गैस का उपयोग रसोई तक जागरूकता अभियान शुरू किया है।
रेखा के हाथों में आबकारी की कमान
आबकारी महकमे में महिलाओं के लिए काम करने की परिस्थितियां अपेक्षाकृत कठिन मानी जाती है लेकिन चित्तौडग़ढ़ में जिला आबकारी अधिकारी का दायित्व एक महिला रेखा माथुर के कंधों पर है। रेखा ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ आबकारी महकमे में महिलाओं के लिए संवेदनशीलता बढ़ाने का प्रयास भी किया।





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