बुरहानपुर. अमेरिका के वाशिंगटन से आए विश्व बैंक के प्रतिनिधियों ने शहर में चल रही ताप्ती जलावर्धन योजना के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। ऐनिकेट, डेम, पाइप लाइन और टंकी निर्माण का काम देखा। इसके बाद निवृत्तमान महापौर सहित अफसरों के साथ बैठक भी की। यहां उन्होंने काम में देरी पर चिंता भी जताई। कहा कि इसकी रिपोर्ट हाई लेवल पर सौंपेंगे। नियमिति हर माह होने वाली नियमित बैठक भी न होने पर इसे नियमित करने की बात कही।
विश्व बैंक अमेरिका के वाशिंगटन से पूनम वालिया एवं राजा कुमार का बुरहानपुर में दौरा हुआ। इनके आते ही अफसर भी अलर्ट हो गए। साथ में मप्र डेवलपमेंट कंपनी से योगेश कुमार, संदीप कुमार, केएल सुथर आदि साथ थे। 131 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन मां ताप्ती जल आवर्धन योजना के कार्य का निरीक्षण किया। डेम, फिल्टर प्लांट, ओवरहेड टैंक, पाइप लाइन सहित सभी कार्य का निरीक्षण किया। जहां निवृत्तमान महापौर अनिल भोसले से चर्चा कर कर आश्वासन दिया है कि जल्द बुरहानपुरवासियों के मटके में मां ताप्ती का जल पहुंचेगा ।
यह कह गए अफसर
मप्र डेवलपमेंट कंपनी के इंजीनियर संदीप कुमार ने बताया कि विश्व बैंक के प्रतिनिधि बुरहानपुर में चल रहे 131 करोड़ रुपए का काम देखा। उन्होंने निर्देश दिए की जो कार्य किया जाना है वो जल्दी करें। एनिकेट का काम जल्द से जल्द शुरू करें। हर माह मिटिंग होती है उसे नियमित करें। इंजीनियर ने कहा कि विश्व बैंक के प्रतिनिधि काम को लेकर संतुष्ट नहीं थे, उन्होंने इस संबंध में हायर लेवल पर चर्चा करने की बात कही। क्वालिटी को लेकर संतुष्टि जताई।
योजना की पूरी हकीकत
ताप्ती जलावर्धन योजना में निगरानी रख रही सरकारी एजेंसी मप्र अर्बन डेवलमेंट का कहना है कि जल आवर्धन 45 प्रतिशत काम अभी हुआ है। घर-घर पाइप लाइन पहुंचाने का काम 55 प्रतिशत तक हो चुका है। 43 हजार कुल घरों के कनेक्शन जोडऩा है, 5 हजार का कनेक्शन अभी जोड़कर यहां रोड का रेस्टोरेशन हो गया। इसे टेस्टिंग कर जोड़ा जा रहा है। जहां सभी पाइप जोड़े गए हैं, वहां पानी का फोर्स देकर देखते हैं। लिकेज है तो फिर इसे सही करते हैं। ऐसे 35 प्रतिशत काम की टेस्टिंग होने की बात कही गई।
इसलिए आए विश्व बैंक के प्रतिनिधि
योजना के क्रियान्वयन के लिए विश्व बैंक का राज्य सरकार और बुरहानपुर नगर निगम से अनुबंध हुआ हुआ है। इसमें तय हुआ कि योजना में प्रति व्यक्ति के मान से 3431 रुपए खर्च होगा। इसके हिसाब से 131.39 करोड़ की योजना बनी। विश्व बैंक से राज्य सरकार 92.56 करोड़ रुपए का लोन लिया है। इसका 75 फीसदी यानी 69.3 करोड़ राज्य सरकार लौटाएगी। 25 प्रतिशत यानी 23.26 करोड़ रुपए निगम विश्व बैंक को लौटाएगी। यह राशि चुकाने के लिए निगम को 20 साल का समय दिया है। बाकी रुपए निगम को अनुदान के रूप में मिलेंगे। जो रुपए विश्व बैंक से जारी किए जा रहे हैं, उससे कितना काम प्रगति पर आया है उसकी जांच करने के लिए विश्व बैंक के प्रतिनिधि 6 माह में एक बार बुरहानपुर आते हैं।
अमेरिका से विश्व बैंक के प्रतिनिधि आएए पहले जरूर काम में देरी हुई, क्योंकि टंकी निर्माण की जगह बदली, इसमें कागजी कार्रवाई में समय लगता है। डेम निर्माण की डिजाइन में समय लगा। अब सब तय हो चुका है, इसमें कोई देरी नहीं है, तेजी से काम चल रहा है।
- अनिल भोसले, निवृत्तमान महापौर





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