बीकानेर/छतरगढ़। भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज कुछ दूर पर छतरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव मोतीगढ़ में शनिवार को एक संदिग्ध कबूतर पहुंचा। कबूतर के पैरों में पीले रंग का बैल्ट बंधा देखकर ग्रामीणों को शक हुआ। ग्रामीणों को छतरगढ़ पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर मुश्किल से कबूतर को काबू में किया। पुलिस ने इस संदर्भ में उच्चाधिकारियों के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियों को अवगत कराया। छतरगढ़ एसएचओ सुरेन्द्र बारुपाल ने बताया कि मोतीगढ़ गांव निवासी हाजी जमाल खां के घर की मुंडेर पर शनिवार सुबह यह कबूतर पहुंचा। इसके पंखों पर चानपुर-टू-लाहौर लिखा हुआ है। पंजों पर बेल्ट बंधा हुआ है। कबूतर के पंखों पर कुछ और शहरों के नाम भी लिखे हुए है।
एक्स-रे करवाया, नहीं मिली कोई चिप
एसएचओ ने बताया किा कबूतर की शारीरिक जांच कराई गई। साथ ही कबूतर का एक्स-रे करवाया गया है। उसके शरीर में किसी तरह की कोई चिप लगी हुई नहीं है। ऐसा प्रतीत होता है कि यह पालतू कबूतर है। पालतू कबूतरों के पंखों पर कई बार पंखों पर शहरों के नाम वगैर लिखे होते हैं। फिर भी एहतिहात के तौर पर सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के आने के बाद जरूरी हुआ तो बीकानेर के वेटरनरी विश्वविद्यालय भेजकर कबूतर का स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जाएगा।
कई मामले आ चुके सामने
सीमावर्ती क्षेत्र में पाकिस्तान की तरफ से जासूसी के लिए कबूतर और बाज भेजने के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे में इस कबूतर को लेकर पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है। सीमावर्ती क्षेत्र की सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया। सीमावर्ती क्षेत्र में रंगीन गुब्बारे मिलना और उन पर पाकिस्तानी लिखे कई बार गुब्बारे मिल चुके हैं। पुलिस इस मामले में जांच-पड़ताल करने के बाद ही पुलिस उनका निस्तारण करती है।
निगरानी के लिए सिपाही तैनात
पुलिस कार्मिकों ने कबूतर को थाने में लाने के बाद उसके खाने-पीने की व्यवस्था की। कबूतर को कमरे में रखा गया। उसके लिए एक प्याले में पानी और दाल व चने और रोटी की व्यवस्था की गई। वहीं कबूतर की निगरानी के लिए एक सिपाही को तैनात किया गया।





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