बुरहानपुर. प्रदेश में गरमाई राजनीति का असर बुरहानपुर तक देखने को मिल रहा है। बैंगलुरु में चले राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर कांग्रेसियों ने बुधवार को राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की है कि बंधक विधायक है इन्हें छोड़ा जाए। जहां उनकी मर्जीहै वहां वोटिंग करने दे।
कांग्रेस अध्यक्ष किशोर महाजन के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया। महाजन ने कहा कि केंद्र के इशारे पर बैंगलुरु में विधायकों को बंधक बनाया गया है। बैंगलुरु में दिग्विजयसिंह गए थे उन्हें मिलने नहीं दिया गया। भाजपा कहती है हमारा लेना देना नहीं है। यह सब केंद्र के इशारे पर हो रहा हे। हॉर्सट्रेङ्क्षडग को बढ़ावा दे रहे हैं। विधायकों को खुला छोड़ देना चाहिए। भाजप के मन में डर है। चुनी हुई सरकार को गिराने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। केंद्र सरकार के इशारे पर लोकतत्रं की हत्या करने पर तुले हुए हैं।
यह थे ज्ञापन में
अधिवक्ता राजेश कोरावाला, हर्षराज देवड़ा, मुन्ना यादव, अकिल औलिया, यशवंत चौकसे, अजय उदासीन, जसलीन कीर, इस्माइल अंसारी, हेमंत पाटिल, अधिवक्ता उबेद शेख, तसनीम मर्चेंट, भास्कर महाजन, अभय चौधरी, श्याम बन्नातवाला आदि मौजूद थे।
दो धड़ों में नजर आईकांग्रेस
बुधवार को कांग्रेस दो धड़ों में नजर आईं। दिन में ही इसी मांग को लेकर पूर्वविधायक के बेटे नूर काजी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ ज्ञापन दिया। इसमें शैली कीर सहित कईकांग्रेसी शामिल हुए। इस पर काजी ने कहा कि भोपाल से फोन आया तो तुरंत तैयार कर ज्ञापन दिया गया। किशोर महाजन बाहर थे उनका मैसेज बाद में डला। वहीं अध्यक्ष किशोर महाजन का कहना है कि हम बाहर होने के कारण यह स्थिति बनी। गुटबाजी वाली कोईबात नहीं है।





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