कोटा सांगोद विधायक भरतसिंह ने पंचायत राज के कार्यों में सरपंच पतियों के दखल पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि एेसे सरपंच पतियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। दखल करने वाले सरपंच पतियों को जेल में डाल दो। विधायक ने इस संबंध में उपखण्ड अधिकार को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
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विधायक ने पत्र में लिखा कि पंचायत राज में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहन देने के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है। लेकिन देखा यह गया है कि महिला सरपंच के पति अपने आपको सरपंच मानकर चलते हैं। सरकारी कार्यालय में भी सरपंच मानकर दखल करते हैं, जो सरासर गलत है। आप इस बात का ध्यान रखें कि पंचायत के कार्यों को लेकर यदि सरपंच पति आपके कार्यालय में आते हैं तो उससे साफ -साफ कहें कि वह निर्वाचित महिला सरपंच को ही कार्य करने के लिए आगे आने दें।
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झूठ को पांव पर चलाने जैसी कोशिश'
सरपंच के स्वयं नही आने पर पंचायत की बात करने का अधिकार उप सरपंच का बनता है, जबकि सरपंच पति का नहीं। अत: महिला सरपंच व उपसरपंच को ही सुना जाए। उसके पति को यह अधिकार नहीं है। महिलाओं की भागीदारी के लिए इस पर ध्यान दें। विधायक ने पत्र की एक-एक प्रति जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक कोटा ग्रामीण को भी भेजी है।





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