जयपुर। राजस्थान विधानसभा में सोमवार को प्रश्नकाल की कार्यवाही के दौरान सरकार के आधे मंत्री मौजूद नहीं थे। जिनमें मुख्य तौर पर संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल, चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा, पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेशचंद मीना, सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना और ममता भूपेश सहित करीब एक दर्जन मंत्री शामिल हैं। खान मंत्री प्रमोद जैन भाया पहले से बीमारी के कारण अनुपस्थित चल रहे हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट भी इस दौरान सदन में नहीं थे।
गौरतलब है कि दो दिन पहले ही कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने सदन से विधायकों की गैर मौजूदगी पर चिंता जताते हुए इसकी रिपोर्ट मांगी थी।
पांच मिनट पहले पहुंचे कल्ला
उर्जा एवं जलदाय मंत्री बी.डी.कल्ला प्रश्नकाल समाप्त होने से पांच मिनट पहले 11.55 पर सदन में पहुंचे। खेल मंत्री चांदना और परिवहन मंत्री प्रताप सिंह भी प्रश्नकाल के अंतिम 15 मिनट के दौरान सदन में नहीं थे। मुख्य सचेतक महेश जोशी भी पूरे प्रश्नकाल के दौरान सदन में नहीं रहे। जो मंत्री मौजूद नहीं थे, उनके विभागों के सवाल भी प्रश्नकाल में लगे हुए थे, ऐसे में कुछ के जवाब दूसरे मंत्रयों ने दिए। वहीं प्रश्ननकाल में कुछ सवाल स्थगित भी किए गए।
मुख्य सचेतक जोशी ने भी जताई थी चिंता
प्रदेश प्रभारी की ओर से विधानसभा में विधायकों की कम उपस्थिति पर चिंता बताने के बाद मुख्य सचेतक महेश जोशी ने भी उपस्थिति को जरूरी बताया था। जोशी ने कहा था कि कांग्रेस के सारे विधायक एकजुट होकर भारतीय जनता पार्टी को निष्क्रिय करने और अपना पक्ष मजबूती से रखें, इसके लिए उपस्थिति आवश्यक भी है। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने शानदार योजनाएं बनाई, लेकिन प्रतिपक्ष मौके तलाश करता है कि वह कैसे कांग्रेस के सामने अपने आपको प्रभावशाली साबित कर सके। इसके लिए हमारे विधायकों का एकसाथ और लगातार रहना आवश्यक है। हालांकि प्रदेश प्रभारी और मुख्य सचेतक की चिंता का असर सोमवार को सदन में नजर नहीं आया।





No comments:
Post a Comment