अजमेर. पृथ्वीराज मार्ग पर गुरुवार दोपहर पुलिस ने दो अपराधियों की घेराबंदी की तो कोहराम मच गया। पुलिस के शिकंजे में खुद को घिरता देख एक अपराधी ने पिस्तौल निकालकर पुलिस अधिकारी पर तान दी। एकाएक हुए इस घटनाक्रम से माहौल में तनाव पैदा हो गया। इसका फायदा उठाकर एक अपराधी ने रेलवे स्टेशन रोड और दूसरे ने मदार गेट की दिशा में दौड़ लगा दी। गनीमत यह रही कि इस भाग-दौड़ में गांधी भवन चौराहे पर अपराधी के हाथ से पिस्तौल गिर पड़ी। इसी बीच पुलिस अधिकारी ने भी अपनी पिस्तौल निकालकर जाप्ते के साथ अपराधियों का पीछा किया। स्टेशन रोड की दिशा में दौड़ा अपराधी तो बच निकला लेकिन मदार गेट पर दूसरे अपराधी की पुलिस ने फिर घेराबंदी कर ली। वहां सादा वर्दी में मौजूद रेलवे पुलिस के एक सिपाही ने भी अपराधी को दबोचने में पुलिस का सहयोग किया। उसने चोर-चोर का शोर मचा दिया। चोर का हल्ला सुनकर राहगीर भी सक्रिय हो गए। भीड़ की मदद से पुलिस ने उसे धर दबोचा। देर रात तक पुलिस दूसरे अपराधी की तलाश में जुटी रही।
उदयपुर से अजमेर में धरपकड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मदार गेट से दबोचे गए अपराधी की धरपकड़ उदयपुर पुलिस ने की है। घटना के समय मौके पर मौजूद राजकीय रेलवे पुलिस के सिपाही ने भी यही दावा किया है। सिपाही के अनुसार पकड़े गए अपराधी ने अपनी गैंग के साथ उदयपुर में लूट की वारदात अंजाम दी थी। उसी सिलसिले में उदयपुर पुलिस उसे पकड़कर ले गई। पुलिस ने फिलहाल अपराधियों की धरपकड़ और उनके नाम-पते का खुलासा नहीं किया है।
थाने से सौ मीटर दूर धरपकड़
अपराधियों की धरपकड़ का पूरा घटनाक्रम क्लॉक टावर थाने से महज सौ मीटर की दूरी पर घटित हुआ लेकिन देर रात तक पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। क्लाक टावर थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों ने ऐसी किसी घटना की जानकारी होने से इन्कार किया है। अफसरों के मुताबिक उदयपुर पुलिस ने यदि कोई दबिश दी भी है तो इस संबंध में जिला पुलिस को ना तो कोई जानकारी दी ना ही मदद मांगी।





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