अजमेर.
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय ने कुलपति की कार खरीदने में घालमेल कर दिया। विश्वविद्यालय को सरकार ने दो स्विफ्ट डिजाइर खरीदने की अनुमति दी थी। लेकिन प्रशासन ने महंगी इनोवा कार खरीद ली। कार का 25 लाख रुपए का भुगतान सामान्य प्रशासन विभाग से करवाया गया। कुलसचिव और वित्त नियंत्रक से कोई मंजूरी नहीं ली गई।
विश्वविद्यालय के कुलपति के लिए कार खरीदने की प्रक्रिया 30 जून 2018 को हुई 94 वीं बॉम में रखा गया था। इसमें कहा गया था कि कुलपति की इनोवा कार और कुलसचिव की स्विफ्ट डिजाइर कार खराब हो चुकी हैं। लिहाजा विश्वविद्यालय में दो कार खरीदी जाएं जिनका मॉडल और कंपनी उप कुलसचिव सामान्य प्रशासन की अभिशंषा पर किया जाए।
सरकार से आई दो कार की अनुमति
विश्वविद्यालय ने कार खरीदने के लिए सरकार को पत्र भेजा। काफी पत्र व्यवहार और प्रयासों के बाद 12 मार्च 2020 को उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव डॉ. मोहम्मद नईम ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव को पत्र भेजा। इसमें साफ कहा गया कि विश्वविद्यालय को दो नए वाहन (स्विफ्ट डिजाइर) डीजल जो जैम पोर्टल पर उपलब्ध हो उसे आरटीपीपी एक्ट 2012 और नियम 2013 के तहत खरीदने की मंजूरी दी जाती है, लेकिन सरकार इसके लिए कोई अनुदान नहीं देगी।
दो स्विफ्ट के बजाय आई इनोवा...
विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा की मंजूरी पत्र को दरकिनार कर दिया। सामान्य प्रशासन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए इनोवा क्रिस्टा कार खरीद ली। इसके लिए 25 लाख रुपए का भुगतान कर दिया। जबकि कुलसचिव ने ऑर्डर पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था। सामान्य प्रशासन या किसी विभाग के उप कुलसचिव या सहायक कुलसचिव लाखों रुपए के भुगतान के लिए अधिकृत नहीं हैं।
अगर इनोवा खरीदनी ही थी तो.....
-स्विफ्ट के बजाय कोई अन्य कार खरीदने के लिए सरकार से फिर मांगी जाती मंजूरी
-मंजूरी मिलने के बाद मुख्य क्रय समिति से कराया जाता प्रस्ताव पारित
-समिति के प्रस्ताव का कुलपति से कराया जाता अनुमोदन
-कुलसचिव के ऑर्डर से होता कार कम्पनी को भुगतान
विभाग ने विश्वविद्यालय को अपने खर्चे पर दो स्विफ्ट डिजाइर कार खरीदने की मंजूरी दी थी। कोई दूसरी खरीदी गई है, तो मालूम करेंगे। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी।
डॉ. मोहम्मद नईम, संयुक्त सचिव उच्च शिक्षा





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