अजमेर. राजस्थान लोक सेवा आयोग ने सहायक अभियंता संयुक्त भर्ती-2018 के तहत प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण हुए अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को अति पिछड़ा वर्ग परिवर्तन की सुविधा दी है। इस श्रेणी के अभ्यर्थी 18 से 20 मार्च तक ऑनलाइन संशोधन कर सकेंगे।
सचिव आशीष गुप्ता ने बताया कि सहायक अभियंता संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा का भर्ती विज्ञापन 5 अप्रेल 2018 को जारी हुआ था। कार्मिक विभाग के 23 जून 2019 के पत्रानुसार प्रक्रियाधीन भर्तियों में अति पिछड़ा वर्ग (एमबीसी) का आरक्षण एक प्रतिशत से बढ़ाकर पांच प्रतिशत किया गया है। इससे अतिरिक्त पिछड़ा वर्ग में पदों की संख्या बढ़ी है। इसका शुद्धि पत्र 22 मई 2018 और 18 जुलाई 2019 को जारी किया गया था।
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आयोग दिया मौका
प्रारंभिक परीक्षा में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में सफल घोषित हुए अभ्यर्थियों को अति पिछड़ा वर्ग (एमबीसी) में संशोधन का अवसर दिया गया है। संबंधित श्रेणी के अभ्यर्थी 18 से 20 मार्च तक ऑनलाइन संशोधन कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें 300 रुपए शुल्क देना होगा। पूर्व में कई अभ्यर्थियों ने ऑफलाइन प्रार्थना पत्र दिए हैं। आयोग ने इन्हें स्वीकार नहीं किया है। इन अभ्यर्थियों को भी ऑनलाइन संशोधन करना होगा। यह सुविधा केवल प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण हुए अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को ही अति पिछड़ा वर्ग परिवर्तन के लिए दी जाएगी।
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अजमेर, भीलवाड़ा और नागौर लॉ कॉलेज को जल्द मिलेगी गुड न्यूज
रक्तिम तिवारी/अजमेर. संभाग के तीनों सरकारी लॉ कॉलेज को महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय की स्थाई मान्यता मिल सकती है। दरअसल विश्वविद्यालय की एकेडेमिक कौंसिल ने नियमों-शर्तों में रियायत दी है। इसके चलते ही कॉलेज को हर साल सम्बद्धता-मान्यता लेने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा।
अजमेर, नागौर, भीलवाड़ा में सरकारी कॉलेज संचालित हैं। कॉलेज में सीमित संसाधन और शिक्षकों को कमी के कारण बार कौंसिल ऑफ इंडिया हर साल अंडर टेकिंग मांगता है। इससे तीनों कॉलेज में प्रथम वर्ष के प्रवेश में तीन से छह महीने की देरी होती है। साथ ही इन्हें प्रतिवर्ष महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय से सम्बद्धता और मान्यता लेनी पड़ती है।
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