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women's day Special : लोहपथ गामिनी दौड़ाने में महिर हैं ये महिलाएं

कोटा. महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं तो ट्रेन संचालन करने में भी पीछे नहीं हैं। ट्रेन संचालन में लोको पायलट, गार्ड और स्टेशन मास्टर की बड़ी भूमिका होती है। कोटा मंडल में तीनों की पदों पर महिलाएं बखूबी जिम्मेदारी उठा रही हैं। लोको पायलट डिम्पल सोलंकी और रोशनी शर्मा का कहना है कि शुरू में यह कार्य चुनौतीपूर्ण लगा, लेकिन अब आदत हो गई है।

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कई बार ट्रेन से मवेशी कट जाते हैं तो मन खराब हो जाता और उसे इंजन से खुद ही बाहर निकालना पड़ता है, लेकिन अब आदत हो गई है। किसी कार्य के लिए पुरुष या महिला होना महत्वूपर्ण नहीं है, बल्कि उसे सही तरीके से करने की इच्छा शक्ति मजबूत होना जरूरी है। गार्ड खुशबू नारोलिया और आकांक्षा चौहान का कहना है कि इस कार्य में महिला और पुरुष दोनों के लिए समान चुनौती हैं।

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जंगल में जब ट्रेन खड़ी होती तब गार्ड का डिब्बा सबसे पीछे होता है, ऐसे में कई बार डिब्बे से नीचे उतरकर भी ट्रेन का परीक्षण करना पड़ता है। ऐसे में कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ता है। वहीं कामनी सिंह सिकरवार स्टेशन उपाधीक्षक के रूप में ट्रेनों के परिचालन का कार्य देख रही हैं। उन्होंने कहा, यह यात्रियों की सेफ्टी से जुड़ा कार्य है, इसलिए बहुत ध्यान से करना पड़ता है।



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