भूपेन्द्र सिंह
अजमेर. लॉक डाउन lock down में फंसे प्रवासी मजदूरों laborers को उनके घरhome भेजा send जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारी Preparations शुरु कर दी है। जिले में बनाए गए 31 शेल्टरहोम shelter home में इन मजदूरों को रखा गया है। फिलहाल इनकी स्वास्थ्य medical जांच की जा रही है। स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट reportसही आने तथा मजदूर की सहमति के बाद ही उसे सम्बन्धित जिले district में भेजा जाएगा। मजदूरों का सम्पूर्ण डाटा data तीन फॉर्मेट में तैयार होगा। एक कॉपी बस के परिचालक, दूसरा सम्बन्धित श्रमिक को दी जाएगा। सम्बन्धित जिला कलक्टर collector को भी श्रमिक की पूरी जानकारी दी जाएगी। जिससे मजदूर की सम्पूर्ण जानकारी प्रशासन के पास उपलब्ध हो सके। मजदूरों को शेल्टर होम से बसों के जरिए पहले बस स्टैंड पर लाया जाएगा। उसके बाद ही इन्हें सम्बन्धित जिले के लिए रवाना किया जाएगा। अजमेर जिले में अधिकतर बारां,जयुपर, करौली,भीलवाड़ा, झुंझुनंू तथा भरतपुर जिले के मजदूर फंसे हुए हैं जो अजमेर में बनाए गए 31 शेल्टर होम में रह रहे हैं। ये जिले के विभिन्न उद्योगों तथा खुली मजदूरी करते हैं।
प्रशासन ने मांगी बसें
जिला प्रशासन ने मजदूरों को भेजने के लिए रोडवेज से 20 बसें मांगी हैं। इनमें 10 बसे bus ब्यावर डिपो तथा 5 अजमेर डिपो व 5 अजयमेरु डिपो की हैं। बसों को कहां व किस रूट rute से भेजा जाएगा तथा बरती जानी वाली सावधानियों को लेकर तीनो डिपो ने इसके लिए प्लान तैयार किया है। रोडवेज मुख्यालय से भी अनुमति ली जा रही है। मंगलवार को रोडवेज अधिकारियों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ चर्चा की।
एक बस में केवल 24 मजदूर
भेजी जाने वाली बसों को पहले पूरी तरह से सेनिटाइज senetise किया जाएगा। रोडवेज को 40 पीपी किट भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। इन्हें कंडक्टर व ड्राइवर को दिया जाएगा। रोडवेज की एक बस से केवल 24 मजदूरों को ही भेजा जाएगा, इन्हें अलग-अलग सीटों पर बैठाया जाएगा। इन्हें फूड पैकेट, फेस मास्क, हैंड सेनिटाइजर उपलब्ध करवाए जाएंगे।
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